पंजाब में हुए एनकाउंटर में मारा गया 5 लाख का इनामी बदमाश कन्नू आतंक का दूसरा नाम था। उसने 45 हत्याएं करने की ठानी थी। 5 लोगों को गोली मार चुका था। इसमें 3 मारे गए थे। तस्वीरें।
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सोनीपत के करेवड़ी गांव में कन्नू नाम के युवक की दहशत
- फोटो : अमर उजाला
अजय उर्फ कन्नू सोनीपत के करेवड़ी गांव का रहने वाला था। उसके भाई संजय ने करेवड़ी गांव में सरपंची का चुनाव लड़ा था। कन्नू ग्रामीणों को डरा कर चुनाव जीतना चाहता था, लेकिन बदमाश के भाई को वोट नहीं मिले। इस वजह से संजय 45 वोटों से चुनाव हार गया। चुनावी हार के बाद बदमाश कन्नू के भाई संजय और पिता की सड़क हादसे में मौत हो गई।
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सोनीपत के करेवड़ी गांव में कन्नू नाम के युवक की दहशत
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चुनावी हार का बदला लेने के लिए कन्नू के हत्याएं करनी शुरू कर दीं। कन्नू गांव के 45 लोगों की हत्या करना चाहता था। इसके बाद कन्नू ने गांव वालों पर हमला करना शुरू कर दिया। सबसे पहले गांव के सरपंच पर गोली चलाई, लेकिन उसकी जान बच गई। 9 मई को वीरेंद्र और सुनील नाम के दो युवकों पर गोली बरसा दी। इसमें वीरेंद्र की मौत हो गई, सुनील की हालत अभी भी गंभीर है।
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सोनीपत के करेवड़ी गांव में कन्नू नाम के युवक की दहशत
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12 मई को जगबीर और उसके बेटे अनिल की गोली मारकर हत्या कर दी। कन्नू उन लोगों को टारगेट कर रहा था जिसने चुनाव में साथ नहीं दिया। उल्लेखनीय है कि पुलिस ने दोहरी हत्याओं के मामले में 4 दिन के भीतर पहले 50 हजार इनाम रखा और फिर उसे बढ़ाकर 5 लाख कर दिया था। बावजूद इसके पुलिस को कोई रिस्पांस नहीं मिला था।
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सोनीपत के करेवड़ी गांव में कन्नू नाम के युवक की दहशत
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गांव में कन्नू की इस कदर दहशत फैली थी कि कोई भी ग्रामीण आपस में बातचीत नहीं कर रहा है। सब डर रहे थे कहीं जुबान खोलने के बदले उन्हें गोली का शिकार न होना पड़ जाए। ग्रामीण इतने डरे हुए थे कि बुधवार 18 मई को घोषित हुए 12वीं के परीक्षा परिणाम को देखने के लिए भी कोई स्कूल तक नहीं गया। गलियां सुनसान थीं, चौक, चौराहों पर बस पुलिसकर्मी नजर आ रहे थे।