कोरोना वायरस को लेकर हर कोई डरा हुआ है। किसी को इस बात की चिंता है कि अब तक इस बीमारी का इलाज संभव नहीं हो पाया है तो कोई इसके संक्रमण से बचाव के लिए प्रार्थना कर रहा है। चंडीगढ़ के सेक्टर-16 स्थित गवर्नमेंट मल्टी स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. वीके नागपाल का कहना है कि बेशक इस बीमारी की रोकथाम को कोई वैक्सीन नहीं बन पाई हो, मगर इससे डरने की जरूरत नहीं है। इससे बचाव के लिए व्यक्तिगत स्तर पर किया गया सही प्रयास ही आपको इसके संक्रमण से दूर रख सकता है।
Corona virus: जानलेवा कोरोना से डरे नहीं, आप दे सकते हैं मात, जानिए- क्या-क्या आपके हाथ
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चंडीगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने इसके रोकथाम के लिए पूरी व्यवस्था की गई है लेकिन जब तक लोग इसे लेकर जागरूक नहीं होते तब तक सफल होना संभव नहीं होगा। इसे लेकर ज्यादा परेशान होने की बजाय कुछ जरूरी बातों के पालन करने की है।
मास्क पहनते समय इन बातों का रखें ध्यान
- मास्क पर सामने से हाथ नहीं लगाना चाहिए।
- अगर हाथ लग जाए तो तुरंत हाथ धोना चाहिए।
- मास्क को ऐसे पहनना चाहिए कि आपकी नाक, मुंह और दाढ़ी का हिस्सा उससे ढका रहे।
- मास्क उतारते वक्त भी मास्क की इलास्टिक या फीता पकड़कर निकालना चाहिए।
- मास्क नहीं छूना चाहिए और हर रोज बदल दिया जाना चाहिए।
कोरोना से बचना है तो इन बातों का रखें ध्यान
कोरोना पीड़ित व्यक्ति से मिलते-जुलते समय वायरस खांसी और छींक से गिरने वाली बूंदों के जरिए फैलते हैं। अपने हाथ अच्छी तरह धोएं, खांसते या छींकते वक्त अपना मुंह ढक लें। हाथ साफ नहीं हो तो आंख, नाक और मुंह को न छुएं।
ये लक्षण हैं खतरनाक
कोरोना वायरस पीड़ित को पहले बुखार होता है। इसके बाद सूखी खांसी होती है और फिर एक हफ्ते बाद सांस लेने में परेशानी होने लगती है। इन लक्षणों का हमेशा मतलब यह नहीं है कि आपको कोरोना वायरस का संक्रमण है। कोरोना वायरस के गंभीर मामलों में निमोनिया, सांस लेने में बहुत ज्यादा परेशानी, किडनी फेल होना और यहां तक कि मौत भी हो सकती है। उम्रदराज लोग और जिन लोगों को पहले से ही कोई बीमारी है (जैसे अस्थमा, मधुमेह, दिल की बीमारी) उनके मामले में खतरा गंभीर हो सकता है। कुछ और वायरस में भी जुकाम और फ्लू की तरह ही लक्षण पाए जाते हैं।
कोरोना को खत्म करना है तो यह करें
अगर आप संक्रमित इलाके से आए हैं या किसी संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में रहे हैं तो आपको अकेले रहने की सलाह दी जा सकती है। ऐसे में घर पर ही रहें। ऑफिस, स्कूल या सार्वजनिक जगहों पर न जाएं। सार्वजनिक वाहनों जैसे बस, ट्रेन, ऑटो या टैक्सी से यात्रा न करें। घर में मेहमान न बुलाएं। घर का सामान किसी और से मंगाएं। अगर आप और भी लोगों के साथ रह रहे हैं तो ज्यादा सतर्कता बरतें। अलग कमरे में रहें और साझा रसोई व बाथरूम को लगातार साफ करते रहें। 14 दिनों तक ऐसा करते रहें ताकि संक्रमण का खतरा कम हो सके।
बरतें जरूरी सावधानियां
अपने हाथ साबुन-पानी या अल्कोहल युक्त हैंड रब से साफ करें। खांसते या छींकते हुए अपनी नाक और मुंह को टिश्यू या मुड़ी हुई कोहनी से ढकें। जिनमें सर्दी या फ्लू जैसे लक्षण हों। उनके साथ करीबी संपर्क बनाने से बचें। मीट व अंडों को खाने से पहले अच्छे से पकाएं। जंगली और खेतों में रहने वाले जानवरों से दूर रहें। भीड़भाड़ वाली जगह पर न जाएं, खास तौर पर विदेश से सफर कर लौटे व्यक्ति से दूर रहें। सब्जी और फलों को खाने से पहले अच्छी तरह धोएं। जिन देशों या जगहों पर इस बीमारी का प्रकोप फैला है, वहां यात्रा करने से बचें। सार्वजनिक स्थानों, सार्वजनिक यातायात के साधनों में कुछ भी छूने या किसी से हाथ मिलाने से बचें।