जम्मू में बब्बर शेर की तरह लड़ा नायक सतीश...और शहीद हो गया
21 आरआर गार्ड्स बटालियन के सूबेदार लाल चंद ने गर्व से सीना ठोंक कर जम्मू में शहीद हुए सतीश की शहादत को एक मिसाल बताया। साथियों ने सुनाए सतीश की वीरता के किस्से।
जम्मू में बब्बर शेर की तरह लड़ा नायक सतीश...और शहीद हो गया
ये घटनाक्रम जम्मू के हंदवाड़ क्षेत्र में दो दिन पूर्व हुई सेना व आतंकी मुठभेड़ का है जो कि जम्मू में नायक सतीश के साथ तैनात साथियों ने अमर उजाला से बातचीत में साझा किए। इस मुठभेड़ में सेना की टुकड़ी का नेतृत्व कर रहे नायक सतीश वीरगति को प्राप्त हो गए, जबकि एक अन्य जवान हिमाचल निवासी अनिल राठौड़ भी इसमें घायल हो गया।
जम्मू में बब्बर शेर की तरह लड़ा नायक सतीश...और शहीद हो गया
मुठभेड़ में अपनी शहादत से पहले जांबाज सतीश ने दो आतंकियों को अकेले ही मौत के घाट उतार दिया। इसी बीच घात लगाए बैठे अन्य आतंकियों ने कायरता दिखाते हुए सतीश पर छुपकर गोलियों की बौछार कर दी। इस ऑपरेशन से पहले भी सतीश सेना के दर्जनों ऑपरेशनों में आतंकियों का सामना करते हुए अपने पराक्रम व शौर्य का परिचय दे चुका है।
जम्मू में बब्बर शेर की तरह लड़ा नायक सतीश...और शहीद हो गया
दिनांक 4 दिसंबर। समय सुबह करीब 11 बजे। सेना की एक टुकड़ी वायरलेस पर जंगल में आतंकवादी छिपे होने की सूचना अधिकारियों को पास करती है। मैसेज मिलते ही कमांडिंग ऑफिसर बटालियन के आठ जवानों की अन्य टुकड़ी को अपने पास बुलाकर सारा माजरा समझाते हुए बब्बन फोरेस्ट में सर्च आउट ऑपरेशन चलाने का आदेश दे देते हैं।
जम्मू में बब्बर शेर की तरह लड़ा नायक सतीश...और शहीद हो गया
टुकड़ी का कमांडिंग ऑफिसर चरखी दादरी उपमंडल के गांव माईं कलां निवासी नायक सतीश को नियुक्त किया जाता है। सेना की यह टुकड़ी मौके पर पहुंचती है और करीब एक बजे दो आतंकियों को हाइड आउट कर लेती है। इसके बाद धांय धांय की आवाजें शुरू हो जाती है। दोनों तरफ से शुरू हुई गोलियों की बौछारों में भी सतीश बब्बर शेर की तरह दहाड़ कर दोनों आतंकवादियों की तरफ बंदूक से फायर झोंकता हुआ आगे बढ़ता है।