चीन आज भारत को आंख दिखा रहा है, लेकिन शायद वो ये नहीं जानता कि भारत के इस एक कदम से उसकी पूरी अर्थव्यवस्था तबाह हो सकती है।
भारत और चीन के बीच चल रहे दोकलम विवाद को लेकर इंडियन आर्मी पूरी तरह से मुस्तैद है। इसी विवाद को लेकर जहां सेना ने चीन के बार्डर पर जवानों की नफरी बढ़ा दी है, वहीं उत्तर भारत की तमाम सैन्य छावनियों को भी पूरी तरह से अलर्ट कर दिया गया है।
सेना हाईकमान ने अपने खुफिया तंत्रों को चीन व पाक बार्डर की हर गतिविधि पर नजर रखने के लिए ज्यादा सक्रिय रहने के निर्देश दिए हैं। चीन द्वारा बार-बार युद्ध की धमकियां दिए जाने की वजह से सेना गंभीर है और यह कदम उठा रही है।
उधर, रिटायर्ड कर्नल सतनाम सिंह की माने तो हिंदी-चीनी भाई-भाई का नारा देकर 1962 में चीन ने देश के साथ बड़ा धोखा किया था। उस वक्त न तो भारतीय सेना के पास पर्याप्त गोला-बारूद था और न ही पर्याप्त जवान, इसलिए हार देखनी पड़ी।
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भारत-चीन
- फोटो : The Washington Post
लेकिन अब हालात 1962 जैसे नहीं है। चीन ने हमला किया तो न केवल मुंह की खाएगा, बल्कि भारत से उसके कारोबारी रिश्ते भी खत्म हो जाएंगे। इससे उसकी अर्थव्यवस्था बुरी तरह से प्रभावित होगी।