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पिंजरे में बंद चूजों के भी होते हैं मौलिक अधिकार, जानना चाहेंगे तो क्लिक कीजिए

Mon, 29 Jan 2018 05:29 PM IST
सीमा एस आनंद/अमर उजाला, चंडीगढ़
सीमा एस आनंद/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Mon, 29 Jan 2018 05:29 PM IST
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chicks also have fundamental rights in india
पोलट्री फार्म में चूजे
आपको जानकर यकीं नहीं होगा, लेकिन ये सौ टका सच है कि पिंजरे में बंद चूजों के भी मौलिक अधिकार होते हैं। जानना चाहते हैं क्या तो क्लिक कीजिए।
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पोलट्री फार्म में चूजे
देश में पशुओं व जीवों के प्रति क्रूरता को लेकर सुप्रीम कोर्ट तथा विभिन्न हाईकोर्ट में दाखिल याचिकाओं पर कानून को परिभाषित किया जा चुका है। कोर्ट मान चुका है कि मानव ही नहीं बल्कि पशु-पक्षियों और जानवरों को भी सम्मानपूर्वक जीने का अधिकार है। इसी आधार पर फेडरेशन ऑफ इंडियन एनिमल प्रोटेक्शन ने बैटरी केज में ठूंस ठूंसकर चूजों को रखने के खिलाफ आवाज उठाई। ऐसा नहीं है कि सरकार इन अधिकारों से अनभिज्ञ है।
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पोलट्री फार्म में चूजे
केंद्र सरकार को एनिमल वेलफेयर बोर्ड ऑफ इंडिया से एक पत्र प्राप्त हुआ था, जिसमें उन्होंने बताया था कि सभी राज्यों में अंडे देने वाली मुर्गियों को सारा साल तंग पिंजरों में रखा जाता है जहां उनके लिए इधर-उधर जाने की जगह भी नहीं होती है। इसके बाद केंद्र सरकार ने सभी राज्यों के चीफ सेक्रेटरी को नोटिस जारी कर आदेश दिया था कि 2017 के अंत तक सभी बैटरी केज बंद कर दिए जाएं। लेकिन अभी तक हालात में परिवर्तन नहीं आया है।
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पोलट्री फार्म में चूजे
पोल्ट्री फार्म मालिक अधिक लाभ कमाने तथा लागत को कम करने के लिए बैटरी केज को प्राथमिकता देते हैं। बैटरी केज में अंडा देने वाली मुर्गियों को ए-4 पेपर के पिंजरे जितनी जगह मिलती है जिसमें वे पूरी तरह अपने पंख भी नहीं फैला सकतीं। बैटरी केज व्यवस्था के कारण कम स्थान में चूजों को इस प्रकार रखा जाता है कि उनके रखरखाव पर कम से कम खर्च हो।
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court
यह था मामला
फेडरेशन ऑफ इंडियन एनिमल प्रोटेक्शन ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर मुर्गियों को बैटरी केज में रखने को क्रूरतापूर्ण बताते हुए इन पर रोक लगाने की अपील की थी। इसमें यह कहा गया था कि मुर्गियों को ऐसे रखना प्रीवेंशन ऑफ क्रूएलिटी टू एनिमल एक्ट 1960 का साफ उल्लंघन है। उन्होंने बताया कि यूरोप में केज फ्री सिस्टम है, जहां मुर्गियां अपने पंख फैला सकती हैं और घूम भी सकती हैं। 95 फीसदी चूजे वायर बैटरी केज में रखे जाते हैं। यदि केज में पूरी जगह होगी तो मुर्गियां भी स्वस्थ रहेंगी।
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