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ऐसी 4 सड़के, जहां जान हमेशा जोखिम में रहती है, आप भी बच कर निकलें!
कुलदीप शुक्ला/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 14 Jun 2017 10:13 AM IST
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Chandigarh Roads
4 सड़कों पर ऐसी क्रॉसिंग हैं, जहां हमेशा जान जोखिम में रहती है। चाहे पैदल हों या फिर किसी वाहन में। अक्सर हादसे होते हैं, देखिए
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चंडीगढ़ के इन चार सड़कों पर अक्सर हादसे होते हैं, मगर पुलिस की ट्रैफिक व्यवस्था दम तोड़ गई है। यहां न तो लाइट्स की व्यवस्था है और न ही पुलिस यहां तैनात होती है। हां, इन खतरनाक स्पॉट के नजदीक ट्रैफिक पुलिस चालान काटती आपको जरूर नजर आ जाएगी। अमर उजाला की टीम ने सोमवार को इन स्पॉट को चेक किया तो कोई पुलिसकर्मी नजर नहीं आया। जिम्मेदारी से बचने के लिए पीजीआई-पीयू गेट के सामने वाली क्रॉसिंग पर तो ट्रैफिक पुलिस ने बैरिकेड ही लगा दिए।
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पीजीआई-पीयू गेट : सड़क क्रॉस करने में लगे 8 मिनट
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट सुरेंद्र कुमार करीब सात से आठ मिनट तक पीजीआई-पीयू गेट के सामने ट्रैफिक कम होने का इंतजार करते रहे, ताकि वह सड़क पार कर सकें। सुरेंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें तो अब पता चला कि इस सड़क को पार कितना मुश्किल है। पीजीआई में आने वाले सैकड़ों मरीजों को कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ता होगा। ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक इस सड़क पर एक वर्ष में 13 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट सुरेंद्र कुमार करीब सात से आठ मिनट तक पीजीआई-पीयू गेट के सामने ट्रैफिक कम होने का इंतजार करते रहे, ताकि वह सड़क पार कर सकें। सुरेंद्र कुमार ने बताया कि उन्हें तो अब पता चला कि इस सड़क को पार कितना मुश्किल है। पीजीआई में आने वाले सैकड़ों मरीजों को कितनी मुश्किलों का सामना करना पड़ता होगा। ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक इस सड़क पर एक वर्ष में 13 लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।
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सेक्टर-14/25 पीयू गेट : लाइट प्वाइंट जरूरत बन चुकी
सेक्टर 14/25 की क्रासिंग पर पीयू-यूआईटी के हजारों कर्मचारी, रेजिडेंट्स, ई-रिक्शा, वाहन चालक समेत आसपास की पब्लिक निकलती है। वाहन इतने तेजी से निकलते हैं कि सड़क पार करना हर किसी के बस की बात नहीं। गाड़ियां रुकने का नाम नहीं लेती। पंजाब यूनिवर्सिटी में जॉब करने वाले अनिल कुमार ने बताया कि यहां लाइट प्वाइंट एक जरूरत बन चुकी है। पुलिस-प्रशासन सर्वे करे तो रोजाना एक सड़क हादसा दर्ज किया जा सकता है। जब गाड़ियां नहीं रुकती तो पैदल यात्री जान में जोखिम डालकर सड़क क्रॉस करते हैं।
सेक्टर 14/25 की क्रासिंग पर पीयू-यूआईटी के हजारों कर्मचारी, रेजिडेंट्स, ई-रिक्शा, वाहन चालक समेत आसपास की पब्लिक निकलती है। वाहन इतने तेजी से निकलते हैं कि सड़क पार करना हर किसी के बस की बात नहीं। गाड़ियां रुकने का नाम नहीं लेती। पंजाब यूनिवर्सिटी में जॉब करने वाले अनिल कुमार ने बताया कि यहां लाइट प्वाइंट एक जरूरत बन चुकी है। पुलिस-प्रशासन सर्वे करे तो रोजाना एक सड़क हादसा दर्ज किया जा सकता है। जब गाड़ियां नहीं रुकती तो पैदल यात्री जान में जोखिम डालकर सड़क क्रॉस करते हैं।
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खुड्डा लाहौरा क्रॉसिंग रोड : कई बार प्रशासन से लगाई गुहार
खुड्डा लाहौरा निवासी व किसान स्वर्ण सिंह ने बताया कि इस क्रॉसिंग पर लाइटें न होने के कारण दोनों गांव के बच्चों और महिलाओं का निकलना मुश्किल हो जाता है। खास तौर पर शाम के वक्त। वाहन तेजी से निकलते हैं। दोनों गांव के लोग कई बार यहां लाइट लगाने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस क्रॉसिंग पर तेज रफर गाड़ियों के चपेट में आकर कई मासूम जान गंवा चुके हैं।
खुड्डा लाहौरा निवासी व किसान स्वर्ण सिंह ने बताया कि इस क्रॉसिंग पर लाइटें न होने के कारण दोनों गांव के बच्चों और महिलाओं का निकलना मुश्किल हो जाता है। खास तौर पर शाम के वक्त। वाहन तेजी से निकलते हैं। दोनों गांव के लोग कई बार यहां लाइट लगाने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। इस क्रॉसिंग पर तेज रफर गाड़ियों के चपेट में आकर कई मासूम जान गंवा चुके हैं।