पहले कोरोना महमारी के कारण लगे लॉकडाउन में फंसे प्रवासियों के लिए और अब चार अनाथ बच्चों के लिए अभिनेता सोनू सूद फरिश्ता बनकर आए हैं।
दरअसल, पंजाब में तरनतारन जिले के गांव पंडोरी गोलां में जहरीली शराब पीने से सुखदेव सिंह की मौत हो गई थी। सदमे में उसकी पत्नी ने भी दम तोड़ दिया था। दंपती की मौत के बाद अनाथ हुए उनके चार बच्चों के लिए बॉलीवुड स्टार सोनू सूद मसीहा बन कर आए हैं।
सोनू सूद ने एक ट्वीट करके चारों बच्चों करणवीर, गुरप्रीत, अर्शदीप और संदीप की जिम्मेदारी उठाने का विश्वास दिलाया है। सोनू ने ट्वीट किया है कि इन छोटे बच्चों के पास जल्द ही एक शानदार घर, अच्छा स्कूल और शानदार भविष्य होगा। इस समय यह बच्चे अपने चाचा स्वर्ण सिंह के घर में शरण लिए हुए हैं।
अभिनेता सोनू सूद ने पिछले दिनों अपने पैतृक राज्य पंजाब के डॉक्टरों को 1500 पीपीई किट उपलब्ध कराई थीं। मुंबई में रह रहे प्रवासी मजदूरों की मदद को भी उन्होंने हाथ बढ़ाए। उन्होंने मुंबई में जुहू स्थित अपना होटल कोरोना महामारी में ड्यूटी में लगे डॉक्टरों, नर्सों व अन्य स्वास्थ्य कर्मियों को समर्पित कर दिया। ऐसा करके वे खूब सुर्खियों में रहे।
अभिनेता सोनू सूद ने अमर उजाला के साथ विशेष बातचीत में बताया कि उन्हें जब प्रवासी मजदूरों के दर्द का पता चला तो उन्होंने मुंबई के सभी प्रवासियों को उनके घरों तक पहुंचाने का जिम्मा उठा लिया। इस मुहिम की शुरुआत कर्नाटक के तीन सौ लोगों से की। उसके बाद उत्तर प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, बिहार आदि के अब तक बारह हजार लोगों को उनके घरों को भिजवाया।