स्नेकमैन, जिसके हाथों में खेलते हैं सांप, ब्लैक कोबरा पकड़ा
आईए आपको मिलाते हैं एक ऐसे स्नेकमैन से, जहरीले सांप जिसके हाथों में खेलते हैं। पानीपत में ब्लैक कोबरा दिखा तो स्नेकमैन हो ही बुलाया गया। देखिए, पूरा मामला।
स्नेकमैन, जिसके हाथों में खेलते हैं सांप, ब्लैक कोबरा पकड़ा
पानीपत में असंध रोड पर कॉटन वेस्ट फैक्ट्री में गांठ उठाते हुए श्रमिकों को ब्लैक कोबरा सांप दिखाई दिया। इसकी सूचना फैक्ट्री संचालक गुरविंदर को दी। फिर सांप पकड़ने वाले स्नेकमैन सतीश फफड़ाना को बुलाया गया। पौन घंटे की मशक्कत के बाद कोबरा को पकड़कर जंगलों में छोड़ा गया। फैक्ट्री संचालक गुलजार सिंह ने बताया कि फैक्ट्री में पहले भी दो बार कोबरा मिल चुका है, क्योंकि आसपास खेत हैं और पुराना वेस्ट भी पड़ा है।
स्नेकमैन, जिसके हाथों में खेलते हैं सांप, ब्लैक कोबरा पकड़ा
कई बार जीवन ऐसी घटनाएं हो जाती हैं जिससे हमारी पूरी जिंदगी ही बदल जाती है। मिलिए ऐसे ही एक शख्स से जिसकी जिंदगी एक सांप ने बदल दी और वो बन गया Snake Man
स्नेकमैन, जिसके हाथों में खेलते हैं सांप, ब्लैक कोबरा पकड़ा
कई बार जीवन में घटी घटना जीवन को नया मोड़ और दिशा दे देती है। कुछ ऐसी ही कहानी है हरियाणा के करनाल के गांव फफड़ाना के रहने वाले सतीश कुमार की। सतीश की जिंदगी एक सांप ने पूरी तरह से बदल दी। दरअसल सतीश जब सातवीं कक्षा में था तो उसे सांप ने काट लिया। इलाज से सतीश की जान तो बच गई लेकिन तब से उसकी जिंदगी एकदम बदल गई।
स्नेकमैन, जिसके हाथों में खेलते हैं सांप, ब्लैक कोबरा पकड़ा
सतीश के मन में सांपों को जानने की इच्छा बढ़ी। इसके बाद उसने सांपों से संबंधित किताबें पढ़ीं, विशेषज्ञों से मिले और सांपों को पकड़ना शुरू कर दिया। सतीश सांप पकड़ने और उनसे जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए स्नेक पार्क चेन्नई में प्रशिक्षण ले चुके हैं। इसके साथ-साथ पुणे, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में भी सांपों के विशेषज्ञों से प्रशिक्षण लिया है।