लुधियाना केंद्रीय जेल में हुए हंगामे के दौरान जेल में बंद गैंगस्टर्स ने जेल ब्रेक का पूरा प्लान तैयार लिया था। जेल में बनी बैरक की चाबियां गैंगस्टर्स ने अपने कब्जे में ले ली थी। इसके बाद सभी बैरकों को खोल कैदियों को बाहर निकाल दिया गया।
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लुधियाना जेल में हिंसा
- फोटो : अमर उजाला
नतीजा यह निकला कि बैरकों में बंद लगभग 3100 कैदी और हवालाती एकदम से बाहर निकल आए और जेल मुलाजिमों के काबू से बाहर होते मेन ड्योढ़ी तक पहुंच गए थे। इसी दौरान कुछ कैदियों ने कंट्रोल रूम से लेकर रसोई घर पर कब्जा लिया। गैस सिलेंडर को एक हथियार की तरह प्रयोग किया गया।
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हिंसा में घायल को ले जाते पुलिसकर्मी
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस को अंदर घुसने से रोकने के लिए एक के बाद एक गैस सिलेंडर को आग लगाकर ब्लास्ट किया गया। इसकी आड़ में कुछ कैदी जेल की दीवार फांदकर फरार हुए। इसमें पांच कैदियों को पुलिस ने काबू किया है। केंद्रीय जेल लुधियाना में लगभग 2500 कैदियों को रखने की क्षमता है लेकिन 3100 कैदियों को रखा जा रहा है।
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लुधियाना जेल में हिंसा
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इसमें 100 से ज्यादा कैदी हार्ड कोर क्रिमिनल हैं। जेल की सुरक्षा की जिम्मेदारी सिर्फ 128 मुलाजिमों के जिम्मे है। गुरुवार सुबह जिस समय यह हंगामा हुआ, उस समय बैरकों की सुरक्षा में सिर्फ 17 मुलाजिम तैनात थे। यही कारण रहा कि कैदी सुरक्षा कर्मियों पर भारी पड़े।
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लुधियाना जेल हिंसा
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सूत्रों की माने तो कैदियों को पता था कि बैरकों की चाबियां किस मुलाजिम के पास होती है। ऐसे में सबसे पहले उन्होंने चाबियां हथियाने का काम किया। इसके बाद सभी कैदियों को बैरकों से बाहर निकाल दिया। नतीजा यह निकला कि मुलाजिम कैदियों पर काबू पाने में नाकाम रहे।