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GST लागू होने के बाद ये काम किया तो पछताना पड़ेगा, जानिए कौन दायरे में नहीं है

Tue, 09 May 2017 09:57 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़ Updated Tue, 09 May 2017 09:57 AM IST
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be aware of doing tax fraud and thievery after implementation of gst in haryana
जीएसटी
एक जुलाई से जीएसटी लागू हो जाएगा, लेकिन इसके बाद अगर आपने ये एक काम किया तो पछताना पड़ सकता है। जानिए कौन इसके दायरे से बाहर है।
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GST BILL
बता दें कि 20 लाख रुपये तक का कारोबार करने वाले दुकानदार जीएसटी के दायरे में नहीं आएंगे। वहीं फिलहाल तीर्थयात्रा, हेल्‍थकेयर, एजुकेशन और कौशल विकास समेत 60 सर्विसेज सर्विस टैक्‍स से बाहर हैं। हरियाणा में जीएसटी लागू होने के बाद व्यापारियों के लिए टैक्स चोरी आसान नहीं होगी। आबकारी एवं कराधान विभाग व्यापारियों के लेनदेन और सामान की खरीद-फरोख्त पर कड़ी नजर रखेगा।
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gst
टैक्स चोरी करने या जानबूझकर गलत जानकारी देने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। तथ्यों को छुपाना या कम टैक्स का भुगतान करना भी भारी पड़ेगा। विभाग मामला संज्ञान में आने पर व्यापारी को कारण बताओ नोटिस जारी करेगा। इसमें उसके खिलाफ धारा-50 के अधीन टैक्स चोरी की राशि का भुगतान ब्याज सहित करने के निर्देश दिए जाएंगे।
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जीएसटी
नोटिस के साथ ही भुगतान के लिए तीन महीने का समय दिया जाएगा। यदि किसी व्यापारी ने पूरा टैक्स भरा है तो वे कागजात विभाग के उच्च अधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत कर सकता है। इसके अलावा उसके पास ये भी विकल्प रहेगा कि वे समन मिलने से पहले टैक्स चोरी की राशि को पंद्रह प्रतिशत की दर से जमा करा दे।
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जीएसटी ‌‌ब‌िल
व्यापारी सामान बिक्री का झूठा बिल देने पर नपेंगे। जीएसटी कानून में इसके लिए भी कड़ा प्रावधान किया गया है। बिना किसी माल बिक्री के झूठा बिल देने या कम सामान का बिल देने पर विभागीय कार्रवाई से बच नहीं पाएगा। अधिकारी मामला संज्ञान में आने के बाद इसके लिए व्यापारी पर दस हजार रुपये तक का जुर्माना लगा सकते हैं।
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