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अब आस्ट्रेलिया का वीजा और दाखिला लेना आसान, बदल गए नियम देखिए
सुरिंदर पाल/अमर उजाला, जालंधर(पंजाब)
Updated Fri, 06 Oct 2017 09:06 AM IST
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आस्ट्रेलिया में पढ़ाई करने के लिए वीजा लेना और दाखिला लेना आसान हो गया है, क्योंकि देश की ओर से कुछ नियम बदल दिए गए हैं। आप भी जाना चाहते हैं तो देखिए।
visa applications
आस्ट्रेलिया सरकार ने भारत को लो रिस्क कैटेगरी (कैटेगरी-2) में शामिल कर दिया है। इससे भारतीय विद्यार्थियों को काफी राहत मिलेगी। अब उनके लिए आस्ट्रेलिया की 40 यूनिवर्सिटियों में दाखिला लेना आसान हो जाएगा। भारतीय विद्यार्थियों के वीजा नियम भी सरल हो गए हैं। भारत के साथ इस श्रेणी में नेपाल और श्रीलंका भी हैं।
2008 में भारत को हाई रिस्क कैटेगरी में शामिल किया गया था।
2008 में भारत को हाई रिस्क कैटेगरी में शामिल किया गया था।
ऑस्ट्रेलिया वीजा
- फोटो : demo pics
इस वजह से देश के विद्यार्थियों को कई तरह के दस्तावेजों के अलावा कड़े नियम से गुजरना पड़ता था। हालात ये थे कि भारत के विद्यार्थी सिर्फ 8-10 यूनिवर्सिटी में आसानी से दाखिला लेने के बाद वीजा ले सकते थे। इन संस्थानों में डैकेन यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी सिडनी, मेलबोर्न यूनिवर्सिटी, रायल मेलबोर्न इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मोनाश यूनिवर्सिटी, यूनिवर्सिटी ऑफ न्यू साउथ वेल भी शामिल थे।
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indian passport
वहीं बाकी संस्थानों में वीजा लेना काफी मुश्किल था। विद्यार्थियों का हर दस्तावेज न केवल क्रास चेक होता था, बल्कि नियम काफी सख्त और कड़े थे। अगर इन यूनिवर्सिटी के अलावा भारतीय विद्यार्थी किसी अन्य संस्थान या कॉलेज में दाखिला लेते तो अधिकतर का वीजा स्वीकार नहीं किया जाता था। आस्ट्रेलिया का स्टडी वीजा हासिल करने के लिए आवेदनकर्ता को बैंक में 25 लाख जमा राशि दिखानी पड़ती थी।
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बैंक का पूरा ब्योरा वीजा आवेदन फाइल के साथ लगता था और दूतावास बाकायदा बैंक से क्रास चेक करता था। अब इस नियम से छुटकारा मिल गया है। वीजा अधिकारी विद्यार्थी से मौखिक पूछ सकता है। अब दस्तावेजों की जरूरत नहीं है। इसके अलावा आईलेट्स का झंझट भी कम हो गया है। अब शिक्षा संस्थान अगर इस बात से संतुष्ट हो जाता है कि आवेदनकर्ता विद्यार्थी अंग्रेजी में ठीक ठाक है तो आईलेट्स की जरूरत नहीं है, वीजा का सीधा आवेदन किया जा सकता है।