इमरजेंसी के दौरान गिरफ्तारी के बाद जब अटल बिहारी वाजपेयी जेल से लौटे तो सबसे पहले यहां पर आए थे, और ये किस्सा विशेष तौर पर कांग्रेस से जुड़ा है, पढ़िए।
हरियाणा के बहादुरगढ़ जिले से अटल जी को खास लगाव था। 1977 में इमरजेंसी के बाद उन्होंने यहां से ही कांग्रेस के खिलाफ विरोध का बिगुल बजाया था। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 1975 में देश में आपातकाल लागू कर दिया था और तमाम विपक्षी नेताओं को गिरफ्तार कर जेलों में डाल दिया गया था।
1977 में इमरजेंसी खत्म होते ही पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने बहादुरगढ़ के रेलवे रोड पर जनसभा की थी। इमरजेंसी के बाद हरियाणा में उनकी यह पहली जनसभा थी और बहादुरगढ़ में पहली-आखिरी। उन्होंने इस जनसभा में कांग्रेस पर जमकर प्रहार किए थे। लोगों को आज भी उनका वो प्रखर भाषण याद है।
हालांकि इसके बाद भी वह एक बार बहादुरगढ़ में आए थे। वर्ष 2000 में जब वह प्रधानमंत्री थे तो अपने मित्र राजेंद्र अग्रवाल से मिलने टीकरी बार्डर स्थित उनकी नील की फैक्टरी आए थे और कुछ देर के रुके थे। अटल बिहारी वाजपेयी के उस समय के किस्सों का खुलासा भाजपा के वरिष्ठ नेता ने किया।
उन्होंने बताया कि बहादुरगढ़ रेलवे रोड पर हुई जनसभी में अटल जी ने ऐसा भाषण दिया था कि सब सुनते ही रह गए। इस जनसभा के माध्यम से हरियाणा में कांग्रेस के खिलाफ बिगुल बजाया था। उस समय लोगों ने चंदा भी खूब दिया था। अटल जी ने चद्दर फैला दी और लोगों ने दिल खोलकर चंदा दिया।