{"_id":"5a5465ed4f1c1b0f788b7749","slug":"american-president-trump-denied-proposal-over-h1b-visa-rules","type":"photo-gallery","status":"publish","title_hn":"H1B वीजा पर ‘संकट’ टला, नहीं बदलेंगे नियम, जानिए इस समय क्या रूल्स हैं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
H1B वीजा पर ‘संकट’ टला, नहीं बदलेंगे नियम, जानिए इस समय क्या रूल्स हैं
अरविंद बाजपेयी/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Tue, 09 Jan 2018 05:51 PM IST
विज्ञापन
visa
- फोटो : pti
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सभी भारतीय राहत की सांस ले लें, क्योंकि एच1बी वीजा पर 'संकट' टल गया है। वीजा नियमों में अब कोई बदलाव नहीं होने जा रहा, जानें अब क्या नियम हैं।
वीजा
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने सोमवार को इस फैसले पर रोक लगा दी है। गौरतलब है कि एच1बी वीजा नियमों में बदलाव की सुगबुगाहट से भारतीयों में हड़कंप मच गया था। अमेरिका में रहने वाले पंजाबी भी परेशान हो गए थे। क्योंकि मामला सीधा नौकरी और इमीग्रेशन से जुड़ा है। यदि नए नियम आते तो उससे एच1बी वीजा धारकों की मुसीबत बढ़ जाती और साथ ही एच4 वीजा पर पाबंदी लग जाती।
visa
- फोटो : demo pic
फिलहाल जो नियम है उसके अनुसार एच1बी वीजा धारक अमेरिका में अस्थायी रूप से काम कर सकते हैं और एच1बी वीजा धारकों के परिजनों को भी इसके आधार पर एच4 वीजा मिल जाता है और वे भी काम कर सकते हैं। चंडीगढ़ की इमीग्रेशन से जुड़ी कंपनियों की माने तो यह नियम वर्ष 2015 में बनाए गए थे। उसी समय एच4 वीजा धारकों को अमेरिका में काम करने की इजाजत देने की बात की गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
एच1 बी विजा
- फोटो : self
अब जो बदलाव किए जाने थे, उसमें एच4 वीजा धारकों को देश में काम करने की इजाजत नहीं होती। उसके साथ ही एच1बी वीजा धारकों के परिजनों को मिलने वाले वीजा पर लगाम लगाम लगाई जा सकती थी। सेक्टर-8 लॉ चैंबर की नम्रता छाबड़ा ने बताया कि वीजा के नियमों में बदलाव से नुकसान होता। वीजा नियमों में बदलाव की बात की प्रमुख वजह आईटी कंपनियां थीं, जिनका ज्यादा काम एच1बी वीजा पर निर्भर करता है।
विज्ञापन
H-1 B VISA
अमेरिका में करीब सवा दो लाख पंजाबी हैं, इसमें से ज्यादा संख्या एच1बी वीजा पर हैं। नियम के अनुसार वीजा धारक को काम के एवज में न्यूनतम 60 हजार अमेरिकी डॉलर का वेतन दिया जाना चाहिए। कंपनियां अधिक से अधिक एच1बी वीजा धारकों को सालाना 60 से 65 हजार अमेरिकी डॉलर का वेतन देकर नौकरियों पर रख रही हैं। इसकी तुलना में एक अमेरिकी आईटी कर्मचारी को सालना कम से कम 150 हजार अमरीकी डॉलर की तनख्वाह देनी पड़ती है।