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MBA की डिग्री, पक्की जॉब छोड़ी और लगा दी रेहड़ी, देने लगी 'मां का प्यार'
ब्यूरो/अमर उजाला, अंबाला(हरियाणा)
Updated Wed, 09 Nov 2016 10:15 AM IST
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MBA Graduate radhika
- फोटो : amarujala
लोग अच्छी नौकरी पाने के लिए एमबीए करते हैं, लेकिन यहां हुआ उलट। एक एमबीए पास युवती ने पक्की जॉब छोड़ खाने की रेहड़ी लगा दी। देखिए, ये रिपोर्ट।
MBA Graduate radhika
- फोटो : amarujala
मोहाली के इंडस्ट्रियल एरिया फेज आठ में वह रोजाना एक से तीन बजे तक अपनी रेहड़ी लगाती है। रिलायंस में एचआर की जमी-जमाई जॉब छोड़कर उसने खाने की रेहड़ी खोली है। नाम हैं राधिका अरोड़ा। राधिका की रेहड़ी पर राजमा-चावल, कढ़ी-चावल, दाल-चावल, रोटी सब्जी सहित वह सब है, जो घर में बनते हैं। इसका स्वाद वैसा ही लगेगा, जैसे मां के हाथ से बने खाने का होता है। इसीलिए राधिका ने रेहड़ी का नाम मां का प्यार रखा है।
MBA Graduate radhika
- फोटो : amarujala
मूल रूप से अंबाला की रहने वाली राधिका अरोड़ा ने बताया कि बीकॉम की पढ़ाई के बाद एमबीए करने के लिए वह चंडीगढ़ आ गई। लांडरां ग्रुप ऑफ कॉलेजेज से एमबीए की पढ़ाई के दौरान उसे पीजी में रहना पड़ता था। पढ़ाई ठीक चल रही थी, लेकिन पीजी का खाना परेशान करता था। न तो स्वाद होता और न ही पका होता। ऊपर से पैसे काफी देने पड़ते थे। ऐसे में राधिका अपनी मां के पकाए खाने का बहुत मिस करती थी।
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MBA Graduate radhika arora
- फोटो : amarujala
यहीं से राधिका को आइडिया आया और उसने ठान लिया कि वह कुछ ऐसा करेगी कि वर्किंग लोगों को घर का खाना मिले। हालांकि इसके लिए राधिका को सबसे पहले घर वालों को मनाना पड़ा। राधिका के पिता गैस एजेंसी चलाते हैं। जब राधिका ने बताया कि वह अपनी नौकरी छोड़कर खाने की रेहड़ी लगाना चाहती है तो यह सुनकर घर वाले हैरान रह गए। उन्होंने राधिका को मनाने की कोशिश की, लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ी रही।
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राधिका अरोड़ा का फूड कार्ट मां का प्यार
काफी जद्दोजहद के बाद आखिरकार पैरेंट्स मान गए और रेहड़ी खोलने की परमिशन दे दी। राधिका ने बताया कि फूड बिजनेस में उसने अपनी सेविंग लगाई है। जॉब के दौरान उसने जो पैसा बचाया था, उसका इस्तेमाल फूड कार्ट में किया। वह रोजाना 70 प्लेट खाना बनाती है। दोपहर एक से लेकर तीन बजे तक उसकी रेहड़ी पर खाना मिलता है।