एक मां ने अपने हंसते-खेलते बेटे को टूर पर भेजा और वह वापस नहीं आया। अब उस मां के कलेजे पर क्या बीत रही होगी, शब्दों में बयां करना मुश्किल है।
‘कित्थे गया मेरा मीतो, कोई तां लिया दिओ’
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
Updated Wed, 08 Oct 2014 09:20 AM IST
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‘कित्थे गया मेरा मीतो, कोई तां लिया दिओ’
‘कित्थे गया मेरा मीतो, कोई तां लिया दिओ’
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