आंटी मेरा कसूर क्या था? क्या पुलिस वालों को लाइसेंस मिला है यह सब कुछ करने का? ऐसे ही कई सवालों के साथ रेनू ने अपना दर्द बताया। इनका किसीके पास कोई जवाब नहीं था। कुरुक्षेत्र के एसपी दफ्तर में महिला आयोग की उपाध्यक्ष से रेनू मित्तल ने कहा मुझे कान से अब तक ठीक से सुनाई नहीं दे रहा, क्योंकि पुलिस वालों ने एक के बाद एक मुझे इतने तमाचे मारे की मेरा कान सुन हो चुका है।
मारपीट के बाद बोली रेनू- आंटी मेरा कसूर क्या था.. पुलिस वालों को लाइसेंस मिला है?
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रेनू ने अपनी शिकायत में भी लिखा है कि देश के प्रधानमंत्री बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की बात करते हैं और पुलिस तंत्र बेटियों के साथ ऐसा व्यवहार कर रहा है। रेनू ने महिला आयोग के समक्ष जब पूरी व्यथा सुनाई तो उस समय वे पुलिस वाले भी वहां मौजूद थे, जिन पर रेनू मित्तल, उसके पिता सतीश मित्तल, मां नीलम मित्तल और भाई प्रवीण पर बर्बरता बरतने के आरोप हैं।
फफकते हुए रेनू ने महिला आयोग की उपाध्यक्ष को कहा कि आंटी इनके खिलाफ ऐसी कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में अन्य पुलिस वाले और किसी के साथ ऐसा ना करते हुए डरें। पुराने जख्म को याद करते हुए रेनू मित्तल एकदम इतने गुस्से में आ गई कि उसने यहां तक कहा कि अगर इन चारों आरोपी पुलिस वालों के खिलाफ सख्त एक्शन नहीं लिया गया, तो वह चुप नहीं बैठेगी, इन्होंने जिस ढंग से मुझे, मेरी मां और पिता एवं भाई के साथ जो व्यवहार किया, उसके लिए इन्हें सजा दिलाने के लिए वह सुप्रीम कोर्ट तक लड़ाई लड़ेगी।
रेनू ने कहा कि हम तो साधारण लोग हैं, जब कुरुक्षेत्र और इस समय हरियाणा के मंत्री कृष्ण बेदी से बात करने को कहा तो इन्होंने एक के बाद एक उन्हें भी गंदी-गंदी गालियां देना शुरू कर दिया और आरोपी पुलिस वालों द्वारा मंत्री जी को दी गई यह सभी गालियां वीडियों में भी सुनाई दे रही हैं। महिला आयोग की उपाध्यक्ष ने उन्हें आश्वासन दिया कि आयोग उनके और परिवार के साथ खड़ा है। उन्हें अवश्य न्याय मिलेगा और किसी भी दोषी को बक्शा नहीं जाएगा।
पुलिस वाले को नहीं है कोई गंभीर चोट : दहिया
जहां पुलिस ने रविवार को एफआईआर दर्ज करते समय मीडिया को भेजी गई खबर में हवलदार दीपक की बाजू में फैक्चर की बात कही थी, उसका खंडन महिला आयोग की उपाध्यक्ष सुमन दहिया ने किया। उन्होंने बताया कि पुलिस ने रविवार की घटना के बाद जो मेडिकल कराया था, उसकी एमएलआर में किसी गंभीर चोट की पुष्टि नहीं होती। सुमन दहिया ने साफ किया कि रविवार को मित्तल परिवार पर जो गंभीर चोट मारने के आरोप लगाए गए हैं वे मेडिकल रिपोर्ट में सिद्ध नहीं होते।