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मानसून में दोहरी मार: स्वाइन फ्लू के बाद डेंगू की दस्तक, चंडीगढ़ सतर्क; मोहाली-पंचकूला में जांच तेज
Tue, 25 Aug 2026 10:11 AM IST
Nivedita
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़
Published by: Nivedita
Updated Tue, 25 Aug 2026 10:11 AM IST
सार
चंडीगढ़ में डेंगू के साथ स्वाइन फ्लू को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। जीएमसीएच-32 में स्वाइन फ्लू के चार मरीज भर्ती हैं। मरीजों की स्थिति को देखते हुए अस्पताल में आईसीयू के लिए जगह चिह्नित की जा रही है, जबकि 12 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार है।
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चिकनगुनिया की समस्या
- फोटो : Freepik.com
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विस्तार
मानसून के बीच ट्राइसिटी में मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। स्वाइन फ्लू के बाद अब डेंगू ने भी चंडीगढ़ में दस्तक दे दी है।
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अगस्त में ही शहर में डेंगू के पांच मरीज सामने आ चुके हैं जबकि पिछले साल अक्तूबर तक कुल पांच मामले ही दर्ज हुए थे। मोहाली में जनवरी से अब तक 15 और पंचकूला में 12 डेंगू मरीज मिल चुके हैं। पंचकूला में मलेरिया के भी 22 मामले सामने आ चुके हैं।
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बारिश के बाद जमा पानी को देखते हुए स्वास्थ्य और मलेरिया विभाग ने तीनों शहरों में घर-घर जांच, लार्वा नियंत्रण, फॉगिंग और जागरूकता अभियान तेज कर दिए हैं।
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चंडीगढ़ में डेंगू के साथ स्वाइन फ्लू को लेकर भी स्वास्थ्य विभाग सतर्क है। जीएमसीएच-32 में स्वाइन फ्लू के चार मरीज भर्ती हैं। मरीजों की स्थिति को देखते हुए अस्पताल में आईसीयू के लिए जगह चिह्नित की जा रही है, जबकि 12 बेड का आइसोलेशन वार्ड तैयार है।
मनीमाजरा-मौलीजागरां समेत संवेदनशील इलाकों पर नजर
मनीमाजरा, मौलीजागरां, बुड़ैल और घनी आबादी वाले इलाकों को डेंगू के लिहाज से संवेदनशील मानकर विशेष निगरानी की जा रही है। मलेरिया विभाग ने 24 अगस्त को 42 घरों में कीटनाशक का छिड़काव, 142 स्थानों पर एमएलओ/टेमेफोस से उपचार और आठ स्थानों पर हैंडहेल्ड मशीन से फॉगिंग की। एक जनवरी से 24 अगस्त तक 5,845 घरों में कीटनाशक का छिड़काव, 17,792 स्थानों पर एमएलओ/टेमेफोस उपचार और 617 स्थानों पर हैंडहेल्ड फॉगिंग की जा चुकी है। वाहन से 747 बार फॉगिंग भी हुई है।
मोहाली में 11 हजार की जांच, 15 डेंगू पॉजिटिव
मोहाली में बारिश के बाद डेंगू के खतरे को देखते हुए हॉटस्पॉट इलाकों में सप्ताह में तीन दिन विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जनवरी से अब तक करीब 11 हजार लोगों की डेंगू जांच की गई जिनमें 15 पॉजिटिव मिले हैं। जिला एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ. अनामिका सोनी के अनुसार सोमवार, वीरवार और शुक्रवार को टीमें घर-घर जाकर कूलर, गमले, छत, पानी की टंकियों और आसपास जमा पानी में लार्वा की जांच कर रही हैं। लार्वा मिलने पर उसे मौके पर ही नष्ट किया जा रहा है। मटौर, जुझार नगर, कुंभड़ा, बलौंगी, मोहाली गांव, शाहीमाजरा, मदनपुरा और सोहाना पर विशेष फोकस है।
पंचकूला में 3500 घर-दुकानों को नोटिस
पंचकूला में अब तक 12 डेंगू और 22 मलेरिया मरीज मिल चुके हैं। कालका, पिंजौर और सूरजपुर में रोजाना करीब 25 वायरल बीमारी के संदिग्ध मरीज मिल रहे हैं। मलेरिया विभाग की टीमों ने रुके पानी में लार्वा मिलने पर करीब 3500 घरों, दुकानों और झुग्गियों को नोटिस जारी किए हैं।
इंदिरा कॉलोनी, राजीव कॉलोनी, पुराना पंचकूला और सेक्टर-14 में भी लार्वा मिला है। बार-बार लार्वा मिलने पर नगर निगम के सहयोग से चालान किया जाएगा।
स्वाइन फ्लू : डर नहीं, सावधानी जरूरी
जीएमसीएच-32 के मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. विशाल गुगलानी ने कहा कि स्वाइन फ्लू से डरने की नहीं, एहतियात बरतने की जरूरत है। ओपीडी में हर मरीज का स्वाइन फ्लू टेस्ट नहीं किया जा रहा। हल्के मामलों में जांच नहीं होती जबकि गंभीर श्रेणी और सांस संबंधी परेशानी वाले मरीजों की स्थिति के अनुसार जांच की जाती है। पंचकूला में स्वाइन फ्लू का एक मामला मिलने के बाद सिविल अस्पताल में 10 बेड का पृथक वार्ड बनाया गया है। सभी सीएचसी और पीएचसी को बुखार, जुकाम, शरीर में दर्द और ठंड लगने वाले संदिग्ध मरीजों की तुरंत जांच के निर्देश दिए गए हैं। मरीज की हालत स्थिर है।
तेज बुखार को न करें नजरअंदाज
डेंगू में तेज बुखार, सिरदर्द, आंखों के पीछे दर्द, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द, जी मिचलाना और त्वचा पर लाल चकत्ते हो सकते हैं। पेट दर्द, लगातार उल्टी, नाक या मसूड़ों से खून आना, अत्यधिक कमजोरी या बेचैनी गंभीर संकेत हैं। ऐसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
मच्छर पनपने से रोकना ही बचाव
कूलर, गमले, टायर, कबाड़, छत और पानी की टंकियों में पानी जमा न होने दें। पानी के बर्तन ढककर रखें। बारिश के बाद घर और आसपास जमा पानी की जांच करें। मच्छरों से बचने के लिए पूरी बाजू के कपड़े पहनें और बुखार होने पर समय पर जांच कराएं।
मलेरिया विभाग हेल्पलाइन : 7626002036