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ADGP Suicide Case: लैपटॉप से सामने आएगा एडीजीपी वाई पूरण कुमार की आत्महत्या का सच? परिवार ने पुलिस को दिया
Sun, 19 Oct 2025 09:40 AM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 19 Oct 2025 09:40 AM IST
सार
एडीजीपी वाई पूरण कुमार का लैपटॉप पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। एडीजीपी वाई पूरण कुमार का लैपटॉप अब सीएफएसएल जांच के लिए भेजा जाएगा। परिवार की सहमति के साथ प्रक्रिया पूरी हो गई है।
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ADGP suicide
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
एडीजीपी वाई पूरण कुमार आत्महत्या मामले में अदालत के आदेश के बाद पुलिस ने मृतक का लैपटॉप कब्जे में ले लिया। अदालत ने लैपटॉप देने और डेटा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए पूरी ट्रांसफर प्रक्रिया रिकॉर्ड करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद परिजनों ने पुलिस को लैपटॉप सौंप दिया।
एडीजीपी वाई पूरण कुमार की फाइल फोटो
- फोटो : पीटीआई
पुलिस अब लैपटॉप को जांच के लिए सीएफएसएल भेजेगी। इसमें एडीजीपी के फिंगरप्रिंट्स से मिलान किया जाएगा और लैपटॉप में मौजूद फाइनल नोट व ईमेल्स की पड़ताल की जाएगी कि उन्हें किन लोगों को भेजा गया था।
मूवी थिएटर में इसी सोफे पर बैठ मारी गोली
- फोटो : पीटीआई
डिजिटल जांच अब प्राथमिक
एडीजीपी वाई पूरण कुमार ने 7 अक्तूबर को सेक्टर-11 स्थित अपने आवास पर खुद को गोली मार ली थी। परिजनों की सहमति से 15 अक्टूबर को पीजीआई में पोस्टमार्टम कराया गया। अब पुलिस की जांच मुख्य रूप से डिजिटल साक्ष्यों, विशेषकर लैपटॉप और फोन के डेटा पर केंद्रित होगी।
एडीजीपी वाई पूरण कुमार ने 7 अक्तूबर को सेक्टर-11 स्थित अपने आवास पर खुद को गोली मार ली थी। परिजनों की सहमति से 15 अक्टूबर को पीजीआई में पोस्टमार्टम कराया गया। अब पुलिस की जांच मुख्य रूप से डिजिटल साक्ष्यों, विशेषकर लैपटॉप और फोन के डेटा पर केंद्रित होगी।
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एडीजीपी का आखिरी फोटो पहली बार सामने आया
- फोटो : सीसीटीवी फुटेज से वीडियो गैब
आईपीएस के पास चंडीगढ़ कैसे पहुंच गई गनमैन की पिस्टल?
उधर, एडीजीपी पूरण कुमार के गनमैन सुशील की गिरफ्तारी कहां से हुई, यह सवाल कई स्थानीय पुलिसकर्मियों की नींद उड़ाए हुए है। कारण चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी है। वह पता करेगी कि पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसे रोहतक से पकड़ा गया था तो उसकी पिस्टल वाई पूरण कुमार के पास चंडीगढ़ कैसे पहुंच गई? एडीजीपी ने गनमैन की ही सरकारी पिस्टल से सुसाइड किया था। मंगलवार को एएसआई संदीप लाठर ने भी सुसाइड से पहले पुलिस व परिजनों को भेजे वीडियो में कहा था कि गनमैन को गिरफ्तार करने वाली टीम में वह भी शामिल थे। बताते हैं कि लोकेशन संदीप ने ही ट्रेस की थी।
उधर, एडीजीपी पूरण कुमार के गनमैन सुशील की गिरफ्तारी कहां से हुई, यह सवाल कई स्थानीय पुलिसकर्मियों की नींद उड़ाए हुए है। कारण चंडीगढ़ पुलिस की एसआईटी है। वह पता करेगी कि पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार उसे रोहतक से पकड़ा गया था तो उसकी पिस्टल वाई पूरण कुमार के पास चंडीगढ़ कैसे पहुंच गई? एडीजीपी ने गनमैन की ही सरकारी पिस्टल से सुसाइड किया था। मंगलवार को एएसआई संदीप लाठर ने भी सुसाइड से पहले पुलिस व परिजनों को भेजे वीडियो में कहा था कि गनमैन को गिरफ्तार करने वाली टीम में वह भी शामिल थे। बताते हैं कि लोकेशन संदीप ने ही ट्रेस की थी।
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सामने आया एडीजीपी का आखिरी फोटो
- फोटो : सीसीटीवी वीडियो ग्रैब
रकम जब्त क्यों नहीं की?
संदीप की बात से ऐसा भी ध्वनित हुआ कि गिरफ्तारी कहीं और से हुई थी। हालांकि, वीडियो में जगह का जिक्र नहीं है। यह जरूर कहा कि सुशील की गिरफ्तारी के वक्त कार में ड्राइवर भी था। दावा किया था कि रास्ते में सुशील ने बताया था कि रिश्वत की रकम कार के डैशबोर्ड में छूट गई है। अगर संदीप का यह दावा सही है तो सवाल उठता है कि रोहतक पुलिस ने कार को पकड़कर तलाशी क्यों नहीं ली? रकम जब्त क्यों नहीं की? कहीं ऐसा तो नहीं कि सुशील ने कार में ही पिस्टल छोड़ दी हो जिसे ड्राइवर ने चंडीगढ़ में एडीजीपी पूरण कुमार तक पहुंचा दी?
संदीप की बात से ऐसा भी ध्वनित हुआ कि गिरफ्तारी कहीं और से हुई थी। हालांकि, वीडियो में जगह का जिक्र नहीं है। यह जरूर कहा कि सुशील की गिरफ्तारी के वक्त कार में ड्राइवर भी था। दावा किया था कि रास्ते में सुशील ने बताया था कि रिश्वत की रकम कार के डैशबोर्ड में छूट गई है। अगर संदीप का यह दावा सही है तो सवाल उठता है कि रोहतक पुलिस ने कार को पकड़कर तलाशी क्यों नहीं ली? रकम जब्त क्यों नहीं की? कहीं ऐसा तो नहीं कि सुशील ने कार में ही पिस्टल छोड़ दी हो जिसे ड्राइवर ने चंडीगढ़ में एडीजीपी पूरण कुमार तक पहुंचा दी?