अगर आप भी आधार कार्ड को हल्के में ले रहे हैं तो सावधान हो जाए। यह खबर आपके होश उड़ा देगी और सावधान भी कर देगी। एक युवक का आधार डाटा चोरी कर लिया गया है और उससे 646 फर्जी आधार कार्ड बनाने का मामला सामने आया है। इतना ही नहीं उस पर 33 लाख का जुर्माना भी लगा दिया गया है। इस मामले में खुफिया एजेंसी भी नजर बनाए हुए हैं। मामला हरियाणा के जींद जिले का है।
'आधार' में लगी सेंध, डाटा चोरी करके बनाए 646 फर्जी कार्ड...ऐसे आप पर भी आ सकती है 'आफत'
यहां, कुछ समय पहले तक सीएससी चलाने वाले विक्रम श्योकंद ने पुलिस में शिकायत दी है कि किसी ने उसका आधार डाटा चुराकर 646 फर्जी आधार कार्ड बनाए हैं। इसी आधार पर यूनीक आईडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडी) ने उस पर 33 लाख रुपये का जुर्माना लगाने का नोटिस भेजा है। इसके बाद उसने पुलिस से लेकर कई जगहों पर शिकायत की, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होने से उसकी मानसिक स्थिति खराब हो गई। उचाना पुलिस ने विक्रम की शिकायत पर आईटी एक्ट और धोखाधड़ी का मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दी शिकायत में गांव पालवां निवासी विक्रम श्योकंद ने बताया है कि वह गांव में ही कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) चलाता था। एक जनवरी 2019 को उसे फिया कंपनी की ओर से एसबीआई की उचाना शाखा में आधार कार्ड बनाने के लिए नियुक्त किया गया। 14 नवंबर 2018 को उसे पता चला कि कोई उसके बायोमीट्रिक का गलत प्रयोग कर रहा है।
इसके बाद उसने 22 नवंबर को यूआईडी कार्यालय के रीजनल सेंटर चंडीगढ़ में शिकायत दर्ज करवाई। इसके बाद यूआईडी के रीजनल सेंटर से उसे ई-मेल मिली, जिसमें कहा गया कि आपने 646 फर्जी आधार कार्ड बनाए हैं, इसलिए आप पर 33 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है। साथ ही आपको ब्लैक लिस्ट कर दिया गया है।
इसी बीच उसके एचडीएफसी बैंक के खाते से किसी ने बायोमीट्रिक का प्रयोग करके 7500 रुपये और पीएनबी से 1000 रुपये निकाल लिए। इसके बाद विक्रम ने मामले की शिकायत पीएमओ, सीएमओ, सीएम विंडो, एसपी और यूआईडी कार्यालय दिल्ली में की। फिलहाल, उसका इलाज रोहतक पीजीआई में चल रहा है।
फर्जी आधार कार्ड से बड़ी सेंध की आशंका
इतनी भारी संख्या में फर्जी आधार कार्ड बनाए जाने का मामला सामने आने से खुफिया विभाग भी सतर्क हो गया है। सूत्रों के अनुसार मामला दिल्ली तक पहुंच चुका है। खुफिया विभाग मामले पर कड़ी निगरानी रख रहा है। विक्रम का कहना है कि उसके फिंगर प्रिंट रत्नाकर बैंक, देना बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और महाराष्ट्र सरकार के डीआईटी कार्यालय में प्रयोग किए गए हैं।
मामले की तह तक जाने का किया जा रहा प्रयास
मामला संज्ञान में आ चुका है। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया है। बायोमीट्रिक को हैक करना बहुत बड़ी सेंध है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।- अश्विन शैणवी, एसएसपी