कभी बस कंडक्टर का काम करते थे लेकिन आज अपनी मेहनत और लग्न से ब्रिटेन में सांसद बने हैं, देखिए एक प्रेरणादायक कहानी...
1947 में जालंधर में जन्मे वरिंदर शर्मा लेबर पार्टी की तरफ से साऊथहाल ईलिंग से सांसद चुने गए हैं। उनको सियासत के गुण विरासत में मिले हैं।
उनके पिता जालंधर डॉ. लेखराज जालंधर इंप्रूवमेंट ट्रस्ट के चेयरमैन रह चुके हैं और उनकी मुख्यमंत्री बेअंत सिंह के साथ निकटता किसी से छिपी नहीं रही है। वरिंदर शर्मा ने ट्रेड यूनियन छात्रवृत्ति पर लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से शिक्षा ली। वह धाराप्रवाह पंजाबी, हिंदी और उर्दू बोलते हैं।
वरिंदर शर्मा 1968 में भारत से हनवेल गए और एक बस कंडक्टर बन गए। शारीरिक अक्षमता वाले लोगों के लिए सेवा प्रबंधक के रूप में काम किया। उन्होंने लिबरल पार्टी में शामिल होने के बाद अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत की, फिर बाद के वर्षों में लेबर पार्टी में आ गए।
शर्मा 1982 से 2010 से ईलिंग के लंदन बोरो में एक स्थानीय काउंसिलर रहे और बाद में नगर पालिका के मेयर भी रहे। पहली बार 19 जुलाई 2007 को आयोजित ईलिंग साऊथहाल उपचुनाव में वरिंदर शर्मा को सांसद के रूप में चुना गया था। उपचुनाव में लेबर सांसद प्यारा खबर की मृत्यु के बाद उनको उतारा गया था।