संविधान ने महिलाओं को 16 अधिकार दिए हैं, जानना चाहेंगे
क्या आप जानते हैं कि देश की महिलाओं को संविधान के तहत कौन-कौन से अधिकार मिले हुए हैं? अगर नहीं तो यहां डिटेल में जानिए महिलाओं के 16 अधिकार।
संविधान ने महिलाओं को 16 अधिकार दिए हैं, जानना चाहेंगे
महिलाओं को पिता और पिता की पुश्तैनी संपति में पूरा अधिकार मिला हुआ है। अगर लड़की के पिता ने खुद बनाई संपति वसीयत नहीं की है, तब उनकी मौत के बाद प्रॉपर्टी में लड़की को भी उतना ही हिस्सा मिलेगा, जितना लड़के को और उनकी मां को। शादी के बाद भी महिला का यह अधिकार बना रहता है।
संविधान ने महिलाओं को 16 अधिकार दिए हैं, जानना चाहेंगे
शादी के बाद पति की संपत्ति में महिला का मालिकाना हक नहीं होता, लेकिन पत्नी को गुजारा भत्ता देना पति का कर्तव्य है। महिला को अधिकार है कि पति उसका भरण-पोषण करे। कई कानूनी प्रावधान हैं, जिनके जरिए पत्नी गुजारा भत्ता मांग सकती है। कानूनी विशेषज्ञों के मुताबिक, सीआरपीसी, हिंदू मैरिज ऐक्ट, हिंदू अडॉप्शन ऐंड मेंटिनेंस ऐक्ट और घरेलू हिंसा कानून के तहत गुजारे भत्ते की मांग की जा सकती है। अगर पति ने वसीयत बनाई है तो उसके बाद पत्नी को संपत्ति में हिस्सा मिलता है। अगर वसीयत नहीं है तो पत्नी को पति की खुद अर्जित की गई संपत्ति में हिस्सा मिलेगी, पैतृक संपत्ति में नहीं।
संविधान ने महिलाओं को 16 अधिकार दिए हैं, जानना चाहेंगे
हाल ही में केंद्र सरकार ने फैसला लिया है कि तलाकशुदा महिला को पति की पैतृक व विरासत योग्य संपत्ति से भी मुआवजा या हिस्सेदारी मिलेगी। इस मामले में कानून बनाया जाना है और इसके बाद पत्नी का हक बढ़ने की बात कही जा रही है। अगर पत्नी को तलाक के बाद पति की पैतृक संपत्ति में भी हिस्सा दिए जाने का प्रावधान किया गया तो इससे महिलाओं का हक बढ़ेगा।
संविधान ने महिलाओं को 16 अधिकार दिए हैं, जानना चाहेंगे
कोई भी महिला अपने हिस्से की पैतृक संपत्ति और खुद अर्जित संपत्ति को बेच सकती है। इसमें कोई दखल नहीं दे सकता। महिला इस संपत्ति का वसीयत कर सकती है। महिला उस संपति से बच्चो को बेदखल भी कर सकती है। महिलाओं को अपने पिता के घर या फिर अपने पति के घर सुरक्षित रखने के लिए डीवी ऐक्ट (डोमेस्टिक वॉयलेंस ऐक्ट) का प्रावधान किया गया है।