मेरी आंखों के सामने मेरा छोटा भाई तड़प तड़प कर मर गया, मम्मी मैं कुछ भी नहीं कर पाई। यह बात कहते कहते 13 साल की मासूम बहन बेसुध हो गई।
घटना मोहाली के खरड़ की है। रोडवेज बस ने स्कूल बस को टक्कर मार दी और हादसे में 10 साल के बच्चे समर्थ सचदेवा की मौके पर ही मौत हो गई। वह बस की पिछली सीट पर खिड़की के पास बैठा था। टक्कर इतनी जोर की लगी कि समर्थ पिस गया और उसका सिर टुकड़े-टुकड़े हो गया। मांस के लोथड़े बस में बिखर गए, वहीं भाई को बचाने पहुंची 13 साल की ख्वाहिश यह देखकर बेहोश हो गई।
ख्वाहिश इस हादसे की चश्मदीद गवाह है। वह हादसे के बाद अपनी चोट की परवाह न करते हुए खून से लथपथ अपने छोटे भाई को उठाने के लिए बस के पिछली ओर भागी। लेकिन जब उसने भाई की सीट के निकट पहुंच कर देखा तो उसका दिल दहल गया। रोज उसके साथ स्कूल जाने वाला छोटा भाई समर्थ उससे हमेशा के लिए दूर जा चुका था। लेकिन अब ख्वाहिश मां पूजा को दिलासा दे रही है।
वह मां से कहती है कि समर्थ को याद करके रोए नहीं, बल्कि भगवान का पाठ करें, जिससे उसकी आत्मा को शांति मिलेगी। पिता रामपाल सचदेवा की आंखों में आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे हैं। अपने इकलौते बेटे को याद करते हुए बार-बार यही कहते हैं कि उनकी तो दुनिया ही लुट गई। मां बेहोशी की हालत में बार-बार उन शब्दों को दोहरा रही थी कि सवेरे गुडबाय बोल कर गया था, वापिस ही नहीं आया मेरा बेटा।
बता दें कि खरड़-मोरिंडा रोड पर सोमवार सुबह साढ़े सात बजे स्कूल बस को पीछे से आ रही पंजाब रोडवेज की बस ने टक्कर मार दी। इसके बाद स्कूल बस बेकाबू होकर खेतों में जा गिरी। हादसे में एक बच्चे की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि मृतक की बहन समेत सात अन्य बच्चे घायल हो गए। घायल बच्चों को खरड़ के सरकारी अस्पताल लाया गया। जहां से एक बच्चे आरव अग्रवाल को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया गया।