अजब-गजब: वैज्ञानिकों की इस गलती से हुआ था हत्यारिन मधुमक्खियों का जन्म, ले चुकी हैं 400 लोगों की जान
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सबसे हैरानी वाली बात यह है कि वैज्ञानिकों के प्रयोग में गलती की वजह से इन मधुमक्खियों का जन्म हुआ है। समय के साथ ही इन मधुमक्खियों की आक्रामकता बढ़ती गई और अमेरिका के दक्षिण और मध्य इलाके में इनकी संख्या अधिक है।
कैसे हुआ था इन मधुमक्खियों का जन्म?
वैज्ञानिक 1950 के दशक में मधुमक्खियों से शहद का उत्पादन बढ़ाने के बारे में सोच रहे थे। इसके लिए उन्होंने एक नई प्रजाति विकसित करने की तैयारी की और उन्होंने 1957 से इसकी शुरुआत की। ब्राजील की सरकार ने बायोलॉजिस्ट वॉरविक ई. केर (Warwick E. Kerr) को मधुमक्खी विकसित करने को कहा जिससे शहद के उत्पादन को बढ़ाया जा सके। इसके बाद वह यूरोपियन मधुमक्खी को अमेरिका में ले आए और नई प्रजाति विकसित कर दी।
आईएफएल साइंस की रिपोर्ट में बताया गया है कि वैज्ञानिक मधुमक्खी की नई प्रजाति को अधिक प्रभावी बनाना चाहते थे। इसके लिए उन्होंने अफ्रीकी और यूरोपियन मधुमक्खियों में मेटिंग कराई। यूरोपियन मधुमक्खी में अफ्रीकन जीन्स मिल गया। समस्या तब खड़ी हुई जब यह धीरे-धीरे आक्रामक हो गईं।
एक दिन 20 कॉलोनियों से मधुमक्खियां बाहर आ गईं। अमेरिका के दक्षिण और मध्य इलाकों में हजारों मधुमक्खियां फैल गईं। वैज्ञानिकों को लगता था कि यह बाहर की गर्मी बर्दाश्त नहीं कर पाएंगी, लेकिन उनकी सोच पूरी तरह से गलत साबित हुई। समय के साथ ही इनकी संख्या और आक्रामकता बढ़ गई। साल 1980 तक कैलिफोर्निया से लेकर फ्लोरिडा तक फैल चुकी थीं। इनके काटने से कई लोगों की मौत के मामले भी सामने आए।