अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बिहार की अनीता देवी को विशेष रूप से सम्मानित किया। अनीता देवी ने मशरूम उत्पादन के क्षेत्र में एक नई पहचान बनाई है और अपने साथ कई अन्य महिलाओं को भी आत्मनिर्भर बनाया है। पीएम मोदी द्वारा उन्हें सोशल मीडिया पर सम्मानित किया जाना, महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में उनके योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाला कदम है।
Women's Day: महिला सशक्तिकरण की मिसाल बनीं अनीता, मशरूम उत्पादन में रच रहीं इतिहास; PM मोदी से मिला प्रोत्साहन
Anita Devi: उद्यमी अनीता देवी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी को बहुत-बहुत धन्यवाद, जिन्होंने हमें आगे बढ़ने के लिए इतना प्रेरित किया है। उनके मार्गदर्शन में हम महिलाएं आत्मनिर्भर बन रही हैं और अपनी एक अलग पहचान बना रही हैं।
जीविका से जुड़कर की शुरुआत, बनीं सफल उद्यमी
अनीता देवी ने वर्ष 2012 में बिहार ग्रामीण आजीविका परियोजना (जीविका) से जुड़कर अपनी उद्यमशीलता की यात्रा शुरू की। उन्होंने जीविका के माध्यम से मशरूम उत्पादन की ट्रेनिंग ली, जिससे न केवल उन्होंने खुद को आर्थिक रूप से मजबूत बनाया बल्कि अन्य महिलाओं को भी इस क्षेत्र में रोजगार दिया। अनीता देवी के साथ आज 10-12 महिलाएं काम कर रही हैं, जो सभी जीविका से जुड़ी हुई हैं। वे कहती हैं कि मैं न सिर्फ स्वरोजगार कर रही हूं, बल्कि अन्य महिलाओं को भी रोजगार प्रदान कर रही हूं। इससे उनके परिवारों का भरण-पोषण होता है, बच्चों की पढ़ाई अच्छे से होती है और उनके जीवन स्तर में सुधार आता है।
अभिनव किसान पुरस्कार से लेकर राष्ट्रीय पहचान तक
2016 में 'अभिनव किसान पुरस्कार' से सम्मानित होने के बाद अनीता देवी ने 'जगजीवन' नामक कंपनी की स्थापना की। आज यह कंपनी 600 से अधिक किसानों के साथ काम कर रही है और उन्हें बीज, खाद, जैविक कीटनाशक एवं खेती की अन्य जरूरी सामग्रियां उपलब्ध कराती है। उनके प्रयासों को कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा गया है, जिनमें इंडिया पुरस्कार 2022, विजयलक्ष्मी दास उद्यमी पुरस्कार 2023, IARI नवाचार किसान पुरस्कार 2021 और धनुका नवाचार कृषि पुरस्कार 2020 शामिल हैं।
जैविक मशरूम उत्पादन में मिली विशेषज्ञता
मैं अनीता देवी, नालंदा जिले के अनन्तपुर गांव की रहने वाली हूं। मैंने जीवन में बड़े संघर्ष देखे हैं। लेकिन मेरा हमेशा से मन था, अपने दम पर कुछ करने का। 2016 में मैंने खुद स्वरोजगार करने का निर्णय लिया था। उसी दौर में स्टार्ट-अप्स का इतना क्रेज बढ़ गया था। इसलिए 9 साल पहले मैंने भी… pic.twitter.com/DFrQ8sDJd2
अनीता देवी पूरी तरह जैविक मशरूम उत्पादन पर ध्यान देती हैं। शुरुआत में उनका उत्पादन 250 ग्राम प्रतिदिन था, लेकिन अब यह 50-60 किलोग्राम प्रतिदिन तक पहुंच जाता है। वर्तमान में उनका दैनिक उत्पादन 30 किलोग्राम के आसपास बना हुआ है। वे बताती हैं कि हमारा मशरूम बाजार में बहुत अच्छी तरह बिकता है, जिससे हमें बिक्री की कोई समस्या नहीं होती।
बिहार से दिल्ली तक पहुंचाया मशरूम
अनीता देवी ने एक मजबूत विपणन नेटवर्क तैयार किया है। होम डिलीवरी सिस्टम के जरिए जीविका से जुड़ी महिलाएं घर-घर जाकर मशरूम बेचती हैं। बिहार के कई बाजारों में उनके मशरूम की मांग बनी हुई है। उनके उत्पाद अब एनडीसी स्टोर के माध्यम से दिल्ली तक पहुंच रहे हैं। पहले वे अमेजन के साथ भी काम कर चुकी हैं, लेकिन अब उन्होंने अपनी बिक्री रणनीति को और व्यापक किया है।
मशरूम से बने अचार और पाउडर की बढ़ती मांग
अनीता देवी सिर्फ ताजे मशरूम ही नहीं, बल्कि मशरूम अचार, सूखे मशरूम और मशरूम पाउडर जैसे उत्पाद भी बनाती हैं। इन उत्पादों की बाजार में अच्छी मांग है और इससे उनके कारोबार का विस्तार हो रहा है।
उनकी वार्षिक आय 3-4 लाख रुपये के बीच है, लेकिन मशरूम की खेती सिर्फ छह से नौ महीने तक ही संभव होती है। गर्मियों में जब तापमान बढ़ता है, तो उत्पादन में कमी आ जाती है। ऑफ-सीजन के दौरान वे अपनी कंपनी के माध्यम से खाद, बीज और जैविक कीटनाशकों की बिक्री पर ध्यान देती हैं, जिससे आय का प्रवाह बना रहे।