बुधवार का दिन गणेश भगवान के समर्पित किया जाता है। भगवान गणेश बुद्धि और शुभता के देवता हैं। ये अपने भक्तों का सारे विघ्न बाधाए दूर करते हैं। इसलिए इन्हें विघ्नहर्ता भी कहा जाता है। हर कार्य में गणेश जी प्रथम पूजनीय हैं। किसी भी कार्य को गणेश जी की पूजा से आरंभ किया जाए तो वह कार्य बिना किसी विघ्न के पूरा हो जाता है। जहां पर गणेश जी विराजते हैं वहां उनकी पत्नियां रिद्धी-सिद्धि और शुभ-लाभ भी विराजते हैं। गणेश जी के साथ मां लक्ष्मी की पूजा करने का प्रावधान हैं, क्योंकि जहां बुद्धि होती है लक्ष्मी भी वहीं ठहरती हैं। ज्योतिष में भगवान गणेश की कृपा पाने के लिए कुछ उपाय बताए गए हैं जिनको करने से आपकी सारी परेशानियां दूर हो जाएंगी। जानते हैं बुधवार के दिन के उपाय...
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गणेश जी के प्रसन्न करने के लिए अथर्वशीष का पाठ करें (प्रतीकात्मक तस्वीर)
गणेश जी को प्रसन्न करने के लिए गणेश अथर्वशीष का पाठ करना चाहिए। बुधवार के दिन सुबह को स्नानादि करने के पश्चात गणेश जी का पूजन करें उसके बाद अथर्वशीष का पाठ करें। इससे आपकी सारी परेशानियां दूर होंगी। यह पाठ गणेश जी को अति प्रिय है। गणेश अथर्वशीष का पाठ करने से मानसिक शांति प्राप्त होती है। अगर आप किसी तरह की चिंता में हैं तो भी इस पाठ को करने से आपको लाभ होगा।
अगर आप कर्ज से बहुत परेशान हैं तो बुधवार के दिन सवा पाव मूंग को उबाल लें उसके बाद उसमें घी और शक्कर मिलाएं। इस मिश्रण को गाय को खिला दें। यह उपाय नियमित रुप से करने पर जल्दी ही कर्ज की समस्या दूर होने लगती है। जब तक आपका कर्ज समाप्त न हो जाए तब तक इस उपाय को नियम पूर्वक करें।
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गणेश जी को मोदक अर्पित करें (प्रतीकात्मक तस्वीर)
गणेश जी को प्रसन्न करने का सबसे आसान उपाय है कि उन्हें दूर्वा और मोदक या फिर बूंदी के लड्डू अर्पित करें। दूर्वा में अमृत समान गुण पाए जाते हैं इसलिए गणेश जी को दूर्वा पसंद है। मोदक का भोग भी गणेश जी को अति प्रिय है। अगर आप मोदक नहीं चढ़ा पा रहे हैं तो घी के लड्डू गणेश जी को अर्पित करें। इन चीजों के अर्पित करने से गणेश जी शीघ्र प्रसन्न होते हैं और आपकी सारी परेशानियां दूर करते हैं।
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धन प्राप्ति के उपाय (प्रतीकात्मक तस्वीर)
- फोटो : सोशल मीडिया
बुधवार के दिन किसी किन्नर को कुछ रुपए दान करें उसके बाद उससे उनमें से कुछ पैसे आशीर्वाद के रुप में लें। इन पैसों को किसी लाल रंग के कपड़े में लपेट कर तिजोरी या धन रखने के स्थान पर रख दें। इससे कभी धन-धान्य की कमी नहीं रहती है। लेकिन कभी भी इन पैसो को अपवित्र हाथों से न छुएं।