Shukra Mangal Yuti: वैदिक ज्योतिष में ग्रहों की स्थिति के आधार पर कुछ योग अत्यंत शुभ और फलदायी माने जाते हैं, जिनमें से नवपंचम योग एक महत्वपूर्ण योग है। यह योग तब बनता है जब जन्म कुंडली में कोई ग्रह नवम (9वें) और पंचम (5वें) भाव में स्थित होते हैं। नवम और पंचम भाव को कुंडली का त्रिकोण भाव माना जाता है, जिसे सर्वश्रेष्ठ भाव भी कहा जाता है। पंचम भाव ज्ञान, शिक्षा, संतान और पूर्वजन्म के बारे में जानकारी देता है, जबकि नवम भाव भाग्य का स्थान होता है। इसीलिए, नवपंचम योग विशेष रूप से मानसिक और भौतिक समृद्धि, विद्या, संतान सुख और जीवन में उन्नति के लिए अत्यंत शुभ होता है।
Navpancham Yoga: शुक्र-मंगल की युति से बनेगा नवपंचम योग, इन राशि के जातकों पर होगी धन वर्षा
ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: श्वेता सिंह
Updated Fri, 24 Jan 2025 11:32 AM IST
सार
Shukra Mangal Ka Navpancham Yog: वैदिक ज्योतिष में नवपंचम योग व्यक्ति के जीवन में उन्नति और प्रगति का संचार करता है, साथ ही भाग्य का भी पूरा सहयोग मिलता है। 26 जनवरी, 2025 से शुक्र और मंगल मिलकर नवपंचम योग का निर्माण करेंगे, जिससे 5 राशियों की किस्मत में चमक आ सकती है।
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