रत्न शास्त्र में मोती को चंद्रमा से जुड़ा रत्न माना जाता है। ज्योतिष में चंद्रमा मन, भावनाओं, मानसिक शांति, संवेदनशीलता और सुख-सुविधाओं का कारक माना गया है। यही वजह है कि कुंडली में चंद्रमा कमजोर होने पर कई ज्योतिषी मोती पहनने की सलाह देते हैं। हालांकि, हर व्यक्ति के लिए मोती शुभ हो, यह जरूरी नहीं है। इसे केवल फैशन या पसंद के आधार पर पहनने से बचना चाहिए।
रत्न शास्त्र: इन लग्न वालों को नहीं पहनना चाहिए मोती, जानें किसके लिए शुभ है यह रत्न
कुंडली में चंद्रमा कमजोर होने पर कई ज्योतिषी मोती पहनने की सलाह देते हैं। हालांकि, हर व्यक्ति के लिए मोती शुभ हो, यह जरूरी नहीं है। इसे केवल फैशन या पसंद के आधार पर पहनने से बचना चाहिए। ऐसे में आइए जानते हैं कि किन लोगों को मोती धारण करना चाहिए और किन लोगों को इससे बचना चाहिए।
चंद्रमा पहले से मजबूत हो तो सावधानी
अगर कुंडली में चंद्रमा अपनी राशि कर्क, उच्च राशि वृषभ या किसी शुभ केंद्र-त्रिकोण भाव में मजबूत स्थिति में है, तो बिना आवश्यकता मोती धारण करने से बचने की सलाह दी जाती है। मान्यता है कि रत्न संबंधित ग्रह की शक्ति बढ़ाता है। इसलिए पहले से मजबूत चंद्रमा को और मजबूत करने की जरूरत हर कुंडली में नहीं होती।
राहु-केतु से पीड़ित चंद्रमा में न करें जल्दबाजी
यदि चंद्रमा के साथ राहु या केतु की युति हो अथवा इन ग्रहों का प्रभाव चंद्रमा पर हो, तो सिर्फ चंद्रमा को कमजोर मानकर मोती पहनना उचित नहीं माना जाता। ऐसी स्थिति में कुंडली में बने ग्रह योग और चंद्रमा के भाव स्वामित्व को समझना जरूरी होता है।
वृश्चिक राशि में चंद्रमा हो तो भी जांच जरूरी
चंद्रमा की नीच राशि वृश्चिक मानी जाती है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं कि वृश्चिक राशि में चंद्रमा होने पर हर व्यक्ति को मोती पहनना चाहिए। चंद्रमा किस भाव में है, किन ग्रहों के साथ है, उस पर किसकी दृष्टि है और वर्तमान दशा क्या है, इन सभी बातों का विश्लेषण आवश्यक है।
मकर और कुंभ लग्न वाले रखें खास सावधानी
मकर लग्न में चंद्रमा सप्तम भाव और कुंभ लग्न में छठे भाव का स्वामी होता है। इसलिए इन दोनों लग्नों में मोती धारण करने का निर्णय विशेष सावधानी से किया जाता है। बिना पूरी कुंडली देखे इसे पहनना उचित नहीं माना जाता।
किन लग्न वालों के लिए मोती हो सकता है शुभ?
परंपरागत ज्योतिष के अनुसार कर्क, वृश्चिक, मेष और मीन लग्न में मोती को अपेक्षाकृत अनुकूल माना जाता है। इसकी वजह इन लग्नों में चंद्रमा का भाव स्वामित्व है। फिर भी अंतिम निर्णय पूरी कुंडली का विश्लेषण करने के बाद ही करना बेहतर माना जाता है।
केवल चंद्र राशि देखकर न पहनें मोती
मोती धारण करने के लिए सिर्फ चंद्र राशि देखना पर्याप्त नहीं है। लग्न, चंद्रमा का भाव, उसकी स्थिति, ग्रहों की युति-दृष्टि और वर्तमान महादशा-अंतरदशा जैसे कारकों को भी देखना चाहिए। इसलिए एक ही चंद्र राशि वाले दो लोगों के लिए मोती को लेकर अलग सलाह हो सकती है। ध्यान रखें कि रत्न धारण करने से पहले किसी योग्य ज्योतिषी से अपनी पूरी कुंडली का विश्लेषण करवाना अधिक उचित माना जाता है।
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