17 अक्तूबर 2026 को तुला संक्रांति है। सूर्य 17 अक्तूबर को कन्या राशि की अपनी यात्रा को विराम देते हुए तुला राशि में गोचर करेंगे, जहां ये एक महीने तक रहेंगे फिर इसके बाद मंगल के स्वामित्व वाली राशि वृश्चिक में गोचर करेंगे। तुला राशि में सूर्यदेव नीच के हो जाते हैं। ऐसे में सभी 12 राशियों के ऊपर इसका प्रभाव अवश्य पड़ेगा। आइए जानते हैं सूर्य के तुला राशि में गोचर करने से कर्क, सिंह और कन्या राशि वालों पर किस तरह का सकारात्मक और नकारात्मक प्रभाव देखने को मिलेगा।
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कर्क राशि
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कर्क राशि पर प्रभाव
17 अक्तूबर 2026 को सूर्य आपकी राशि से चौथे भाव में गोचर करेंगे। जिससे आपको सुख-सुविधा और जमीन-वाहन के मामलों में कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। चौथा भाव सुख, माता, वाहन और मकान आदि से संबंधित होता है। ऐसे में आपके घर-परिवार में कुछ मामलों में अशांति रह सकती है। आपको बेहतर तालमेल बनाना होगा। प्रॉपर्टी संबंधी मामलों में आपको कुछ कुछ दिक्कतों का सामना करना होगा।
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सिंह राशि
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सिंह राशि पर प्रभाव
सूर्य के तुला राशि में गोचर करने से आपके तीसरे भाव में होगा। कुंडली का तीसरा भाव साहस, पराक्रम और छोटे भाई-बहनों का होता है। सूर्य के यहां होने पर आपके साहस, पराक्रम और आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। धन संबंधी मामलों में आपको लाभ होगा। नौकरी में प्रमोशन और मान-सम्मान में वृद्धि हो सकती है।
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कन्या राशि
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कन्या राशि पर प्रभाव
कन्या राशि वालों के लिए सूर्य का गोचर आपकी कुंडली के दूसरे भाव होगा। कुंडली का यह भाव धन, वाणी, परिवार से संबंधित होगा। ऐसे में धन संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इस दौरान आपको अपनी वाणी पर नियंत्रण रखना होगा। परिवार संग तालमेल बना रहेगा। वाद-विवाद से आपको बचकर रहना होगा।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): यहां दी गई जानकारी सामान्य मान्यताओं, ज्योतिष, पंचांग, धार्मिक ग्रंथों आदि पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।