अगर सीने में दर्द उठे, घबराहट हो, पसीना आए और उल्टियां भी हो, तो इसे आप नजरअंदाज न करें। एक लापरवाही आपको भारी पड़ सकती है। क्योंकि ये लक्षण किसी घातक बीमारी की ओर इशारा कर रहे हैं।
अगर शरीर में दिखें ये लक्षण, तो हो जाएं सावधान, लापरवाही पड़ सकती है भारी
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25 साल के अभिषेक के सीने में हल्का दर्द उठा। उन्होंने समझा कि गैस का दर्द होगा। डॉक्टर को दिखाने के बजाय वे दर्द को नजरअंदाज कर गए। बाद में फिर दर्द उठा। मगर इस बार उनसे रहा नहीं गया और डॉक्टर के पास पहुंच गए। कॉर्डियोलॉजिस्ट के पास पहुंचे तो पता चला कि हार्ट अटैक आया था। देरी से पहुंचने से उनके हार्ट को जो नुकसान हुआ था, फिलहाल उसे दुरुस्त नहीं किया जा सकता।
वह समझ ही नहीं पा रहे थे कि इतनी कम उम्र में हार्ट अटैक कैसे आ सकता है? भारत में 10 से 15 साल पहले तक दिल की बीमारी को बुजुर्गों से जोड़ कर देखा जाता था। मगर पिछले एक दशक में दिल से जुड़ी बीमारी के आंकड़ों ने सबकी सोच को पलटकर रख दिया।
सेक्टर-32 मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ कॉर्डियोलाजिस्ट डॉ. जीत राम कश्यप कहते हैं कि पश्चिमी देशों के मुकाबले भारतीयों में हार्ट अटैक 8 से 10 साल पहले आता है। इसकी बड़ी वजह यह है कि भारतीयों का खान-पान तय नहीं होता है। देर रात तक खाते हैं और फिजिकल एक्सरसाइज नहीं करते। पिछले कुछ साल से युवाओं में हार्ट अटैक के मामले बढ़े हैं।
गैस का दर्द समझकर करते हैं नजरअंदाज
जब भी सीने में दर्द उठे, घबराहट हो, पसीना आए और उल्टियां हो, उसे गैस का दर्द न समझें। तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए। डॉक्टर ही बता पाएगा कि हार्ट अटैक है या गैस का दर्द। यदि हार्ट अटैक होगा तो इलाज तुरंत चाहिए होगा। देरी होने पर दवाओं का असर भी कम होगा और ज्यादा नुकसान होगा। अक्सर मरीज इस तरह के दर्द को नजरअंदाज कर देते हैं। वे सोचते हैं कि उन्हें तो हार्ट अटैक नहीं आ सकता। जबकि हार्ट अटैक किसी को भी आ सकता है।
इनमें से एक कारण बना अभिषेक के हार्ट अटैक की वजह
-ज्यादा खाना और बैलेंस डाइट न लेना
-हाइपरटेंशन और डायबिटीज
-स्मोकिंग, तंबाकू और शराब की लत
-फिजिकल एक्सरसाइज न करना
-कंप्यूटर व इलेक्ट्रानिक उपकरणों पर देर रात तक काम करना