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आतंकवाद से भी खतरनाक हो गया है नारको टेरेरिज्म, लड़के ही नहीं लड़कियां भी इसकी गिरफ्त में

Fri, 15 May 2020 03:48 PM IST
प्रशांत कुमार अजय मीनिया, जम्मू
अजय मीनिया, जम्मू Published by: प्रशांत कुमार Updated Fri, 15 May 2020 03:48 PM IST
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Narco terrorism has become more dangerous than terrorism, jammu kashmir latest news
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : सोशल मीडिया

गृह विभाग ने जम्मू-कश्मीर में नशे से निपटने के लिए एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स के गठन को मंजूरी दे दी है। इस समय प्रदेश में आतंकवाद से अधिक खतरनाक नारको टेरेरिज्म बन चुका है। यहां तक कि जम्मू को उड़ता पंजाब तक कहने की नौबत आ चुकी है, क्योंकि प्रदेश में बड़े स्तर पर नशे की तस्करी हो रही है। पाकिस्तान से इसे भेजा जा रहा है, ताकि जम्मू-कश्मीर और देश के अन्य हिस्सों में युवाओं को खोखला बनाया जाए और इससे होने वाली कमाई को आतंकी गतिविधियों में लगाया जाए।

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कश्मीर के कुपवाड़ा, बारामुला की एलओसी से बड़े स्तर पर पाकिस्तान की ओर से हेरोइन और चरस भेजी जाती है। इसके अलावा पुंछ और राजोरी जिले की एलओसी का इस्तेमाल भी होता आया है। जम्मू के आरएसपुरा, अखनूर सेक्टर के इंटरनेशनल बॉर्डर पर भी पाकिस्तान की तरफ से नशे की तस्करी कराई जाती है। इस तस्करी में आतंकी तक शामिल हैं। मेंढर, कुपवाड़ा और बारामुला की एलओसी पर पिछले 4 सालों के दौरान 30 से अधिक आतंकी और तस्करों को नशे की तस्करी करते हुए पकड़ा जा चुका है।
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जम्मू ट्रांजिट के तौर पर इस्तेमाल
पंजाब में हेरोइन की तस्करी बड़े स्तर पर होती थी। पहले पाकिस्तान पंजाब के बॉर्डर से तस्करी कराता था। पंजाब में नशा इतना फैल गया कि इसे उड़ता पंजाब तक कहा गया, लेकिन पंजाब में सख्ती होने के बाद तस्करों ने जम्मू को ट्रांजिट बना दिया। दरअसल, एलओसी से हेरोइन कश्मीर भेजी जाती है। फिर कश्मीर से इसकी सप्लाई जम्मू आती है और यहां से अन्य राज्यों के लिए जाती हैं। इसलिए उड़ता पंजाब जैसे हालात जम्मू के बन गए हैं।
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सिर्फ जम्मू में ही लत के शिकार 600 मरीज

इस समय सरकारी नशा केंद्र में ही 600 मरीज हेरोइन की लत वाले पंजीकृत हैं। इसके अलावा निजी नशा मुक्ति केंद्र और पुलिस के नशा मुक्ति केंद्र को जोड़ दें तो जम्मू संभाग में एक हजार से अधिक नशा करने वाले सरकारी खाते में ही मौजूद हैं, जबकि चोरी छुपे हेरोइन का इस्तेमाल करने वालों की गिनती ही नहीं।

नशे से 200 से अधिक मौतें
गैर सरकारी संस्था टीम जम्मू की एक रिपोर्ट कहती है कि पिछले पांच सालों में हेरोइन और नशे की लत की वजह से 200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।

6 हजार करोड़ की हेरोइन बरामद

सूत्रों की मानें तो पिछले पांच सालों में जम्मू-कश्मीर में लगभग छह हजार करोड़ की हेरोइन बरामद हो चुकी है। जिसमें 500 से ज्यादा लोग पकड़े गए हैं। इनमें कई पुलिसकर्मी और सेना से रिटायर लोग तक शामिल हैं।

अफगानिस्तान से पाकिस्तान और पाकिस्तान से पीओके के रास्ते कश्मीर और फिर कश्मीर से जम्मू भेजी जाने वाली हेरोइन की लत में जम्मू इस समय बुरे तरीके से जकड़ा हुआ है। जम्मू में हालत यह है कि अब लड़कियां भी इसकी गिरफ्त में है।  
 

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