बजट से किसानों के चेहरे पर आई मुस्कान, क्या होगी ‘अच्छे दिन’ की शुुरुआत!
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वित्त मंत्री अरुण जेटली द्वारा प्रस्तुत किया गया आम बजट किसानों के चेहरे पर मुस्कान लाने वाले रहा। किसानों का कहना है कि बजट ग्रामीणों और किसानों के लिए बड़ी सौगात लेकर आया है।
किसानों ने फसल बीमा में केंद्र का हिस्सा बढ़ाने, कर्ज देने और रोजगार के अवसर मुहैया कराने के वादे को सराहा। ग्रामीण विकास कार्यों के लिए मनरेगा के तहत 48 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान करने पर किसान खुश नजर आए।
पहली बार किसी सरकार ने बजट के माध्यम से कृषि की बेहतरी के बारे में विचार किया है। बजट में 10 लाख करोड़ रुपये किसानों को कर्ज के तौर पर दिए जाने की बात कही गई है। उम्मीद है कि यह घोषणा हकीकत में तब्दील होगी।
हमारी मांग है कि सरकार बैंकों को निर्देश दे कि वे किसानों को नाहक परेशान न करें, जिससे किसान आसानी से कर्ज ले सकें। -डीके शर्मा, प्रदेश अध्यक्ष, हरियाणा किसान संघर्ष समिति
गांव में बनेंगे तालाब
भूजल का स्तर तेजी से नीचे की ओर जा रहा है। सरकार ने घोषणा की है कि पांच लाख तालाबों का निर्माण होगा। उम्मीद है कि गांव में तालाब इस योजना के तहत बनाए जाएंगे। किसानों को फसल के नुकसान के लिए मुआवजा देने की नीति बनेगी। आसान शर्तों पर ऋण मिलेगा। इसके लिए बैंकों को किसानों के प्रति अपने नजरिए में बदलाव लाना होगा।
-श्याम सिंह भाटी, गांव मच्छगर
कृषि विज्ञान केंद्र में सुविधाओं का विस्तार और मिट्टी जांच के लिए लघु प्रयोगशालाओं की बात कृषि के विकास में महत्वपूर्ण साबित होंगे। सिंचाई के लिए 8000 करोड़ रुपये की राशि का प्रावधान अच्छी बात है। बजट देखकर लगता है कि किसानों के लिए 'अच्छे दिन’ की शुरूआत हो गई है। -अमरदीप, युवा किसान
वित मंत्री द्वारा डेयरी उद्योग के लिए नाबार्ड के जरिए 8 हजार करोड़ रुपये का इंतजाम और दुग्ध उत्पादन के लिए 300 करेाड़ के शुरुआती फंड की घोषणा सराहनीय है। गांव में खेती और दुग्ध उत्पादन ही किसानों का मुख्य रोजगार है। दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देकर सरकार ने लाखों किसानों को खुश कर दिया है। बजट दूरदर्शी और दूरगामी परिणाम देने वाला साबित होगा। -जीवनलाल, ऊंचा गांव