फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   vhp says any court cannot decide lord ram born

वीएचपी ने कहा- कोई अदालत यह तय नहीं कर सकती कि राम अयोध्या में जन्मे थे या नहीं

Sun, 13 Jan 2019 12:35 PM IST
अजय सिंह भाषा, इंदौर
भाषा, इंदौर Published by: अजय सिंह Updated Sun, 13 Jan 2019 12:35 PM IST
विज्ञापन
vhp says any court cannot decide lord ram born
विहिप धर्मसभा - फोटो : अमर उजाला

 अयोध्या विवाद से जुड़े मुकदमे के उच्चतम न्यायालय में लम्बा खिंचने पर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने गहरा असंतोष जताया और नरेंद्र मोदी सरकार पर दबाव बढ़ाते हुए अपनी मांग दोहरायी है कि भगवान राम की जन्मभूमि पर भव्य मंदिर के निर्माण की राह प्रशस्त करने के लिये जल्द कानून बनाया जाये। 

विज्ञापन


प्रयागराज में 15 जनवरी से शुरू होने वाले कुंभ मेले के दौरान राम मंदिर मुद्दे पर अपनी आगामी रणनीति तय करने का ऐलान करते हुए विहिप ने कहा है ‘‘ कोई भी अदालत यह तय नहीं कर सकती कि प्रभु राम अयोध्या में जन्मे थे या नहीं।’’
विज्ञापन


विहिप के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु सदाशिव कोकजे ने यहां साक्षात्कार में "पीटीआई-भाषा" कहा, "धार्मिक आस्था के मामले न्यायालयों के अधिकार क्षेत्र में नहीं आते। न्यायालय तो कानूनों के मुताबिक चलते हैं। लिहाजा हम चाहते हैं कि अयोध्या में भव्य राम मंदिर के निर्माण के लिये सरकार जल्द कानून बनाये।" 
विज्ञापन
विज्ञापन


मध्यप्रदेश और राजस्थान के उच्च न्यायालयों के पूर्व न्यायाधीश ने कहा, "कोई भी अदालत यह तय नहीं कर सकती कि प्रभु राम अयोध्या में जन्मे थे या नहीं। इसीलिए हम शुरू से ही कह रहे हैं कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिये कानून बनाया जाये। वरना इस मामले को लेकर देश में अंतहीन सिलसिला चलता रहेगा।" 

उन्होंने जोर देकर कहा कि मौजूदा हालात को देखते हुए विहिप को लगता है कि अदालती प्रक्रिया के जरिये अयोध्या विवाद का शीघ्र समाधान संभव नहीं है। 

कोकजे ने कहा, "हमें आशंका है कि आने वाले समय में भी अयोध्या विवाद का मामला उच्चतम न्यायालय में उसी तरह टलता रहेगा, जिस तरह इतने दिनों से टल रहा है।" 

कोकजे ने यह भी बताया कि प्रयागराज कुंभ के दौरान 31 जनवरी और एक फरवरी को आयोजित "धर्म संसद" में विहिप साधु-संतों के साथ राम मंदिर मामले में विचार-विमर्श करेगी। "साधु-संतों के मार्गदर्शन के आधार पर हम राम मंदिर मामले में अपनी आगामी रणनीति तय करेंगे।" 

कोकजे ने आरोप लगाया कि वोट बैंक की अपनी पुरानी राजनीति के कारण कांग्रेस राम मंदिर के निर्माण में बाधा पैदा कर रही है।

हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल ने कहा, "मुसलमान भी अयोध्या विवाद सुलझाना चाहते हैं। लेकिन राम मंदिर निर्माण की राह में सबसे बड़ा रोड़ा अगर कोई है, तो वह कांग्रेस ही है। कांग्रेस से जुड़े वकील अलग-अलग हथकंडे अपनाकर अयोध्या विवाद के मुकदमे को शीर्ष न्यायालय में लम्बा खींचना चाहते हैं।" 


उल्लेखनीय है कि आगामी लोकसभा चुनावों के मद्देनजर राम मंदिर निर्माण एक प्रमुख मुद्दा बनकर उभर रहा है। भाजपा की राष्ट्रीय परिषद की हालिया बैठक में भी इस मुद्दे का राजनीतिक महत्व रेखांकित हुआ, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को कहा कि कांग्रेस नहीं चाहती है कि अयोध्या मामले का हल निकले। इसलिये वह अपने वकीलों के माध्यम से न्याय प्रक्रिया में बाधा डाल रही है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed