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नेपाल त्रासदी के बीच विदिशा की बेटी लापता: कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गई थीं स्वाती, रक्षाबंधन पर सूना रहा घर
Sat, 29 Aug 2026 11:36 AM IST
विदिशा ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, विदिशा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, विदिशा
Published by: विदिशा ब्यूरो
Updated Sat, 29 Aug 2026 11:36 AM IST
सार
नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा और त्रासदी के बीच कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गईं विदिशा निवासी स्वाती बागरेचा से परिवार का संपर्क टूट गया है। वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. केसी बागरेचा की बेटी स्वाती पिछले कई वर्षों से कनाडा में रह रही हैं और करीब 10 से 15 दिन पहले ईशा फाउंडेशन के ग्रुप के साथ यात्रा पर रवाना हुई थीं।
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नेपाल त्रासदी के बाद विदिशा की स्वाती से संपर्क टूटा
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
नेपाल में आई भीषण त्रासदी ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है। इस बीच मध्यप्रदेश के विदिशा से एक बेहद भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है। जिले के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. केसी बागरेचा की बेटी स्वाती बागरेचा कैलाश मानसरोवर यात्रा के दौरान लापता हो गई हैं। नेपाल में त्रासदी की खबरों के बाद से परिजनों की चिंता और भी बढ़ गई है।
मिली जानकारी के अनुसार, स्वाती बागरेचा पिछले कई वर्षों से कनाडा में रह रही हैं। कुछ समय पहले वह भारत आई थीं और अपनी बेटी को विदिशा में परिजनों के पास छोड़कर कैलाश मानसरोवर की पवित्र यात्रा पर निकल गई थीं। बताया जा रहा है कि वह ईशा फाउंडेशन के ग्रुप के साथ करीब 10 से 15 दिन पहले इस यात्रा के लिए रवाना हुई थीं।
प्राकृतिक आपदा और त्रासदी की खबरों ने पूरे परिवार की नींद उड़ा दी है
यात्रा शुरू होने के बाद स्वाती लगातार परिवार के संपर्क में थीं। वह फोन पर अपनी यात्रा के अनुभव साझा करती थीं और परिजनों को बताती थीं कि सब कुछ ठीक चल रहा है। परिवार को भी भरोसा था कि यात्रा पूरी कर वह जल्द ही सकुशल वापस लौट आएंगी, लेकिन नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा और त्रासदी की खबरों ने पूरे परिवार की नींद उड़ा दी है। जब से नेपाल में हालात बिगड़ने की खबरें सामने आई हैं, तब से स्वाती से परिवार का संपर्क टूट गया है। सबसे ज्यादा मार्मिक स्थिति रक्षाबंधन के दिन देखने को मिली। जिस घर में राखी के त्योहार पर खुशियां होनी चाहिए थीं, वहां सन्नाटा पसरा हुआ था। बहन की कलाई पर राखी तो है, लेकिन भाई के घर में उस बहन की मौजूदगी नहीं है, जिसका सभी को इंतजार है।
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ये भी पढ़ें: मौसम विभाग की चेतावनी: चार दिनों तक पूर्वी एमपी में होगी मूसलाधार बारिश, आज सात जिलों में भारी वर्षा के आसार
परिजनों का कहना है कि वे लगातार स्वाती के फोन पर कॉल कर रहे हैं। फोन पर रिंग भी जा रही है, लेकिन दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं मिल रहा है। हर बार फोन लगाते समय एक नई उम्मीद जागती है और जवाब न मिलने पर चिंता और भी गहरी हो जाती है। विदिशा के इस घर में इस समय हर किसी की नजर सिर्फ एक ही चीज पर टिकी है स्वाती के फोन और उनकी कुशलता की एक खबर। परिजन प्रशासन से लेकर ईशा फाउंडेशन ग्रुप तक हर जगह संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि स्वाती के बारे में कोई जानकारी मिल सके। डॉ. केसी बागरेचा का परिवार शहर में जाना-माना परिवार है। इस घटना के बाद शहर के लोग भी परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं और स्वाती की सलामती के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
फिलहाल परिवार को सिर्फ एक ही उम्मीद है कि किसी तरह स्वाती से संपर्क हो जाए और उनके सुरक्षित होने की खबर मिल जाए। नेपाल में फंसे अन्य यात्रियों के रेस्क्यू की खबरों के बीच यह परिवार भी अपनी बेटी के सकुशल लौटने का इंतजार कर रहा है।
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मिली जानकारी के अनुसार, स्वाती बागरेचा पिछले कई वर्षों से कनाडा में रह रही हैं। कुछ समय पहले वह भारत आई थीं और अपनी बेटी को विदिशा में परिजनों के पास छोड़कर कैलाश मानसरोवर की पवित्र यात्रा पर निकल गई थीं। बताया जा रहा है कि वह ईशा फाउंडेशन के ग्रुप के साथ करीब 10 से 15 दिन पहले इस यात्रा के लिए रवाना हुई थीं।
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प्राकृतिक आपदा और त्रासदी की खबरों ने पूरे परिवार की नींद उड़ा दी है
यात्रा शुरू होने के बाद स्वाती लगातार परिवार के संपर्क में थीं। वह फोन पर अपनी यात्रा के अनुभव साझा करती थीं और परिजनों को बताती थीं कि सब कुछ ठीक चल रहा है। परिवार को भी भरोसा था कि यात्रा पूरी कर वह जल्द ही सकुशल वापस लौट आएंगी, लेकिन नेपाल में आई प्राकृतिक आपदा और त्रासदी की खबरों ने पूरे परिवार की नींद उड़ा दी है। जब से नेपाल में हालात बिगड़ने की खबरें सामने आई हैं, तब से स्वाती से परिवार का संपर्क टूट गया है। सबसे ज्यादा मार्मिक स्थिति रक्षाबंधन के दिन देखने को मिली। जिस घर में राखी के त्योहार पर खुशियां होनी चाहिए थीं, वहां सन्नाटा पसरा हुआ था। बहन की कलाई पर राखी तो है, लेकिन भाई के घर में उस बहन की मौजूदगी नहीं है, जिसका सभी को इंतजार है।
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परिजनों का कहना है कि वे लगातार स्वाती के फोन पर कॉल कर रहे हैं। फोन पर रिंग भी जा रही है, लेकिन दूसरी तरफ से कोई जवाब नहीं मिल रहा है। हर बार फोन लगाते समय एक नई उम्मीद जागती है और जवाब न मिलने पर चिंता और भी गहरी हो जाती है। विदिशा के इस घर में इस समय हर किसी की नजर सिर्फ एक ही चीज पर टिकी है स्वाती के फोन और उनकी कुशलता की एक खबर। परिजन प्रशासन से लेकर ईशा फाउंडेशन ग्रुप तक हर जगह संपर्क करने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि स्वाती के बारे में कोई जानकारी मिल सके। डॉ. केसी बागरेचा का परिवार शहर में जाना-माना परिवार है। इस घटना के बाद शहर के लोग भी परिवार को ढांढस बंधाने पहुंच रहे हैं और स्वाती की सलामती के लिए प्रार्थना कर रहे हैं।
फिलहाल परिवार को सिर्फ एक ही उम्मीद है कि किसी तरह स्वाती से संपर्क हो जाए और उनके सुरक्षित होने की खबर मिल जाए। नेपाल में फंसे अन्य यात्रियों के रेस्क्यू की खबरों के बीच यह परिवार भी अपनी बेटी के सकुशल लौटने का इंतजार कर रहा है।
