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Umaria: बांधवाधीश मंदिर में 27 अगस्त को मनेगी जन्माष्टमी, रीवा युवराज करेंगे प्रथम पूजन
सार
उमरिया जिले के बांधवगढ राष्ट्रीय उद्यान में किले पर बने प्रसिद्ध बांधवाधीश मंदिर में इस बार जन्माष्टमी का पर्व 27 अगस्त को मनाया जाएगा। रीवा के युवराज खुद मंदिर में प्रथम पूजन करेंगे।
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राम लक्ष्मण सीता जी प्रतिमा
विस्तार
उमरिया जिले के बांधवगढ़ राष्ट्रीय उद्यान में स्थित प्रसिद्ध भगवान बांधवाधीश मंदिर में इस वर्ष जन्माष्टमी का पर्व 27 अगस्त को मनाया जाएगा। श्री लक्ष्मण बाग देव स्थानम ट्रस्ट ने नक्षत्रों के अनुसार इस तिथि का निर्धारण किया है। जानकारी के अनुसार, विंध्य क्षेत्र में तीज-त्यौहारों और पूजा-अर्चना के समय का निर्धारण इसी ट्रस्ट द्वारा किया जाता है।
सैकड़ों साल पहले रीवा रियासत ने बांधवगढ़ किले पर श्रीराम-जानकी मंदिर की स्थापना की गई थी। तभी से यहां श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन रीवा के युवराज परंपरागत तरीके से भगवान की प्रथम पूजा करते हैं। जन्माष्टमी पर यहां मेले का आयोजन भी होता है, जिसका इतिहास भी उतना ही पुराना है। इस मेले में उमरिया सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से हजारों लोग शामिल होते हैं।
श्रद्धालु, नेशनल पार्क क्षेत्र के अंदर घने जंगलों में कई मील पैदल चलकर पहाड़ पर स्थित श्रीराम-जानकी मंदिर पहुंचते हैं और भगवान के दर्शन कर उनकी आराधना करते हैं। कहा जाता है कि इस मंदिर में सच्चे मन से की गई हर मनोकामना पूरी होती है। कई श्रद्धालु अपनी मन्नत पूरी होने के उपलक्ष्य में हर साल यहां अनुष्ठान भी करते हैं। पूर्व रीवा रियासत के युवराज और सिरमौर विधायक दिव्यराज सिंह ने बताया कि वे 27 अगस्त को बांधवगढ़ के ऐतिहासिक श्रीराम-जानकी मंदिर पहुंचकर भगवान बांधवाधीश महाराज की पूजा-अर्चना करेंगे।
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सैकड़ों साल पहले रीवा रियासत ने बांधवगढ़ किले पर श्रीराम-जानकी मंदिर की स्थापना की गई थी। तभी से यहां श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस दिन रीवा के युवराज परंपरागत तरीके से भगवान की प्रथम पूजा करते हैं। जन्माष्टमी पर यहां मेले का आयोजन भी होता है, जिसका इतिहास भी उतना ही पुराना है। इस मेले में उमरिया सहित प्रदेश के विभिन्न जिलों से हजारों लोग शामिल होते हैं।
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श्रद्धालु, नेशनल पार्क क्षेत्र के अंदर घने जंगलों में कई मील पैदल चलकर पहाड़ पर स्थित श्रीराम-जानकी मंदिर पहुंचते हैं और भगवान के दर्शन कर उनकी आराधना करते हैं। कहा जाता है कि इस मंदिर में सच्चे मन से की गई हर मनोकामना पूरी होती है। कई श्रद्धालु अपनी मन्नत पूरी होने के उपलक्ष्य में हर साल यहां अनुष्ठान भी करते हैं। पूर्व रीवा रियासत के युवराज और सिरमौर विधायक दिव्यराज सिंह ने बताया कि वे 27 अगस्त को बांधवगढ़ के ऐतिहासिक श्रीराम-जानकी मंदिर पहुंचकर भगवान बांधवाधीश महाराज की पूजा-अर्चना करेंगे।
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