RI Conclave 2024: 12 राष्ट्रों के प्रतिनिधि आए, 63 इकाइयों की हुई वर्चुअल शुरुआत, इतने करोड़ का आया निवेश
RI Conclave 2024: मध्य प्रदेश के उज्जैन में दो दिवसीय रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव का शनिवार को समापन हुआ। इस दौरान 12 राष्ट्रों के प्रतिनिधियों ने भागीदारी की। 900 औद्योगिक इकाइयों के प्रतिनिधि शामिल हुए। अदाणी समूह की ओर से 75 हजार करोड़ रुपये का निवेश प्रस्ताव आया है। इसके अलावा 63 इकाइयों की वर्चुअल शुरुआत हुई और 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश आया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 283 बड़ी और एमएसएमई इकाइयों को 12,170 करोड़ रुपये से अधिक निवेश के लिए भूमि आवंटन के आदेश दिए हैं।
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उज्जैन के इंजीनियरिंग महाविद्यालय परिसर में दो दिवसीय रीजनल इण्डस्ट्री कॉन्क्लेव का आयोजन हुआ। कॉन्क्लेव में अमेरिका, यूके, कनाडा, जर्मनी, इजरायल, जापान, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, जाम्बिया और मलेशिया समेत अन्य देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। कॉन्क्लेव में करीब 4000 प्रतिनिधि शामिल हुए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 20 से अधिक प्रमुख औद्योगिक समूहों के पदाधिकारियों से वन-टू-वन चर्चा की। इस दौरान लगभग 17,000 करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर चर्चा हुई। लगभग 880 इकाइयों ने विभिन्न क्षेत्रों में एक लाख करोड़ से अधिक निवेश करने के लिए इन्टेन्शन-टू-इन्वेस्ट प्रदर्शित किया गया। कॉन्क्लेव में 63 इकाइयों का वर्चुअल शुभारंभ किया गया। इसके लिए प्रदेश के 21 स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन इकाइयों से प्रदेश में 10 हजार 064 करोड़ रुपये का निवेश आया है, जो 17 हजार से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कॉन्क्लेव में 283 बड़ी और एमएसएमई इकाइयों को 12 हजार 170 करोड़ रुपये से अधिक निवेश के लिए भूमि आवंटन आदेश भी प्रदान किए। प्रदेश में पहली बार मंच से ही इतनी बड़ी संख्या में औद्योगिक इकाइयों को जमीन आवंटन के आदेश प्राप्त हुए हैं। कॉन्क्लेव के माध्यम से सबसे बड़ा निवेश अदाणी समूह की ओर से आया है, जो प्रदेश में 75 हजार करोड़ रुपये का निवेश करेगा। उज्जैन की विक्रम उद्योगपुरी में भी पेप्सिकों समूह भी 1,250 करोड़ रुपये का निवेश कर रहा है, जिससे 500 लोगों को रोजगार मिलेगा।
10 हजार तकनीकी रोजगार के अवसर बनेंगे
एलटीआई माइंडट्री ने मध्यप्रदेश शासन के साथ एक करार पर हस्ताक्षर किए गए हैं। इसके तहत सुपर कॉरिडोर, इंदौर में संस्थान के प्रस्तावित परिसर में 500 करोड़ रुपये का निवेश होगा। इसके लिए सरकार की आईटी नीति के तहत संस्थान को 10 एकड़ जमीन दी गई है। इस निवेश से राज्य में लगभग 10,000 तकनीकी रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
पांच क्षेत्रीय सत्रों में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा
कॉन्क्लेव में सेक्टर-वार निवेश अवसरों पर विस्तृत जानकारी प्रदान करने के लिए इन दो दिनों में पांच क्षेत्रीय सत्र आयोजित किए गए। इन सत्रों में एमएसएमई और स्टार्टअप, मध्य प्रदेश में निवेश के अवसर डेयरी, एग्रो, खाद्य प्रसंस्करण, मध्य प्रदेश में अधोसंरचना विकास में निवेश के अवसर और धार्मिक पर्यटन पर गंभीर चर्चा हुई। इसी तरह फार्मा मेडिकल, डिवाइस के अवसर और चुनौतियों के संबंध में भी विचार-विमर्श हुआ। ये सत्र प्रदेश में निवेश की संभावनाओं के नए द्वार खोलेंगे।
बायर-सेलर मीट भी हुई, तीन प्रदर्शनियां बनी आकर्षण का केंद्र
रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में कृषि, खाद्य प्रसंस्करण, खनिज, इंजीनियरिंग, कपड़ा, आईटी और इलेक्ट्रॉनिक्स, शहरी अधोसंरचना जैसे क्षेत्रों में विविध निवेश अवसरों का प्रदर्शन किया गया। राज्य सरकार, ओडीओपी और राज्य के अन्य उत्पादों के निर्यात और घरेलू व्यापार को बढ़ावा देने के लिए समानांतर रूप से काम कर रहा है, जिसके लिए एक अलग बायर-सेलर मीटिंग एरिया बनाया गया है। कॉन्क्लेव में दो दिनों में 2500 से अधिक बॉयर सेलर के साथ बैठक हुई जिसमें भागीदारों का उत्साह सामने आया। मध्य प्रदेश के औद्योगिक परिवेश को प्रदर्शित करने के लिए तीन प्रदर्शनी स्थापित की गई जिनमें 16 विभिन्न तरह के उद्योगों के जरिए प्रदेश के औद्योगिक पारिस्थितिकी तंत्र के संबंध में जानकारी दी गई।
