{"_id":"66e169986a387817a0047419","slug":"new-system-of-bhasma-aarti-now-visitors-will-have-to-tie-radio-frequency-band-on-their-hands-then-they-will-get-entry-into-bhasma-aarti-ujjain-news-c-1-1-noi1228-2093087-2024-09-11","type":"story","status":"publish","title_hn":"Baba Mahakal: भस्मारती की नई व्यवस्था, दर्शनार्थियों को अब हाथ में बांधना होगा रेडियो फ्रीक्वेंसी बैंड, फिर...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Baba Mahakal: भस्मारती की नई व्यवस्था, दर्शनार्थियों को अब हाथ में बांधना होगा रेडियो फ्रीक्वेंसी बैंड, फिर...
Wed, 11 Sep 2024 03:49 PM IST
उज्जैन ब्यूरो
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Wed, 11 Sep 2024 03:49 PM IST
सार
बाबा महाकाल के भस्म आरती की नई व्यवस्था शुरू की गई है। दर्शनार्थियों को अब हाथ में रेडियो फ्रीक्वेंसी बैंड बांधना पड़ेगा। फिर भस्म आरती में प्रवेश मिल सकेगा।
विज्ञापन
बाबा महाकाल भस्म आरती
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में सुबह चार बजे होने वाली बाबा महाकाल की भस्म आरती को देखने के लिए हर कोई लालायित रहता है। लेकिन श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति के नियमों के तहत प्रतिदिन 1,600 श्रद्धालु ही बाबा महाकाल की इस आरती में शामिल हो पाते हैं। भस्म आरती को देखने के लिए ऑफलाइन और ऑनलाइन के साथ ही प्रोटोकॉल के तहत परमिशन दी जाती है। लेकिन इस व्यवस्था के बावजूद भी कई श्रद्धालु धोखेबाजों का शिकार होते हैं।
विज्ञापन
भस्म आरती देखने के लिए प्रति व्यक्ति एक, दो नहीं, बल्कि10,000 तक शुल्क चुकाते हैं। इसी प्रकार की ठगी को रोकने के लिए आने वाले दिनों में श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति प्रयोग के तौर पर एक नई व्यवस्था लागू करने वाली है, जिसके तहत अब बाबा महाकाल की भस्म आरती देखने जाने वाले श्रद्धालुओं की कलाई पर रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन बैंड बांधा जाएगा, जिससे ऐसे श्रद्धालुओं की पहचान आसानी से की जा सकेगी। जो कि बिना परमिशन के भस्म आरती में शामिल हुए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
बता दें कि इस नई व्यवस्था की जानकारी देते हुए श्री महाकालेश्वर प्रबंध समिति के प्रशासक गणेश धाकड़ ने जानकारी देते हुए बताया कि भस्म आरती के नाम पर हो रही ठगी पर रोक लगाने के लिए नई व्यवस्था लागू की जाने वाली है, जिसके तहत अब बाबा महाकाल की भस्म आरती देखने पहुंचने वाले श्रद्धालुओं को मुख्य द्वार से परमिशन दिखाकर जैसे ही एंट्री मिलेगी। वैसे ही उनके हाथों पर रेडियो फ्रीक्वेंसी आइडेंटिफिकेशन बैंड बांध दिया जाएगा। इस बैंड के बंधने से श्रद्धालुओं को बार-बार परमिशन चेक नहीं करवाना पड़ेगी। श्रद्धालुओं को यह बैंड हाथों में तब तक बांधे रखना होगा, जब तक की भस्म आरती पूर्ण न हो जाए।
फ्लैप बैरियर से अटैच होंगे बैंड
बताया जाता है कि नई दर्शन व्यवस्था के तहत जहां भस्म आरती में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के हाथों में जहां बैंड बांधा जाएगा। वहीं, यह बैंड फ्लिप बैरियर से भी अटैच रहेगा। श्रद्धालु जैसे ही हाथों में बंधे इस बैंड को बैरियर पर लगे स्कैनर से स्कैन करेंगे, वैसे ही यह गेट खुल जाएगा। याद रहे की ऐसी व्यवस्था वर्तमान में मेट्रो स्टेशन व एयरपोर्ट पर है।
लगातार बढ़ रही थी भस्म आरती के नाम पर ठगी
याद रहे की भस्म आरती के नाम पर लगातार धोखेबाज बाबा महाकाल के भोले वाले भक्तों को ठग रहे हैं। इसको लेकर पिछले काफी समय से इस प्रकार की नई व्यवस्था लागू करने की तैयारी की जा रही थी। बताया जा रहा है कि इस नई व्यवस्था से भस्म आरती के नाम पर होने वाली ठगी की घटनाओं में कमी आएगी।
