MP Election 2023: कांग्रेस प्रत्याशियों ने PCC को लिखे शिकायती खत; पोस्टल मतपत्र समेत इन चीजों को लेकर की मांग
MP Assembly Election 2023: एमपी में कई जिलों के विधानसभा प्रत्याशियों ने पोस्टल मतपत्र, चुनावी ड्यूटी पर लगे पुलिसकर्मियों के मतदान और ईवीएम की सुरक्षा समेत कई मांगों को लेकर पीसीसी को शिकायती पत्र लिखे हैं। पढ़ें पूरी खबर...।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
प्रदेश कांग्रेस कमेटी को उज्जैन जिले के विधानसभा क्षेत्र नागदा-खाचरौद से कांग्रेस प्रत्याशी विधायक दिलीप सिंह गुर्जर से शिकायत की गई है। शिकायत के मुताबिक, मध्य प्रदेश निर्वाचन 2023 अंतर्गत इंजीनियरिंग कॉलेज उज्जैन में मतदान के बाद ईवीएम मशीनों को स्ट्रांग रूम में रख कर सील किया गया है। स्ट्रांग रूम के आसपास स्थित सभी कंप्यूटर लैब व इंटरनेट सप्लाई, वाईफाई राउटर, सैटेलाइज सिस्टम और प्रोजेक्टर 18 नवंबर को दोपहर दो बजे निरीक्षण के दौरान चालू अवस्था में पाए गए को तत्काल बंद करने के आदेश प्रदान करने की कृपा करें जो कि न्यायोचित होगा।
वहीं, एक अन्य शिकायत में बांधवगढ़ विधानसभा क्र.-89 जिला उमरिया से कांग्रेस प्रत्याशी सावित्री सिंह धुर्वे द्वारा शिकायत मिली है कि अकेले उनके विधानसभा क्षेत्र से 709 विशेष पुलिस के कर्मचारियों को ड्यूटी पर लगाया गया। उन्हें पोस्टल वोट उपलब्ध नहीं कराए गए। न ही उनसे मतदान कराया गया। मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा पूर्व में आपसे निवेदन किया गया है कि अतिथि शिक्षकों तथा अचानक चुनाव ड्यूटी पर लगाए गए हजारों कर्मचारियों, पुलिस कर्मियों को भी पोस्टल वोट की सुविधा नहीं दी गई है और उन्हें मतदान से वंचित रखा गया है जो कि संवैधानिक प्रावधानों के विरूद्ध है।
प्रदेश कांग्रेस के उपाध्यक्ष एवं चुनाव आयोग कार्य प्रभारी जेपी धनोपिया ने बताया कि मप्र कांग्रेस द्वारा निर्वाचन आयोग से पूर्व में भी आग्रह किया गया है कि प्रदेश में उन समस्त शासकीय कर्मचारियों जिनमें अतिथि शिक्षक, पुलिसकर्मियों की संख्या शामिल है, जिनका रिकॉर्ड चुनाव आयोग के पास उपलब्ध है। उन्हें चुनाव ड्यूटी पर तैनात किया गया है और शासकीय कर्मचारियों के पोस्टल वोट्स से मतदान संपन्न नहीं हुए हैं। इसलिए विशेष कैम्प लगाकर उन सभी हजारों, शासकीय कर्मचारियों को पोस्टल वोट के माध्यम से मतदान करने का अधिकार दिया जाए।
धनोपिया ने एक अन्य शिकायत का हवाला देते हुए कहा कि 17 नवंबर, 2023 को मतदान संपन्न हो चुका है। तीन दिसंबर, 2023 को मतगणना होना नियत है। उक्त संबंध में प्रदेश के सभी कांग्रेस प्रत्याशियों द्वारा शिकायत प्रेषित की जा रही हैं जिनमें ग्वालियर एवं भिंड से भी शिकायतें प्राप्त हुईं कि शासकीय कर्मचारियों के पोस्टल वोट्स पूर्ण रूप से संपन्न नहीं हुए हैं। लेकिन जो भी पोस्टल वोट्स से मतदान हुआ है वह मतपत्र सुरक्षित रूप से नहीं रखे जा रहे हैं। इनमें किसी प्रकार की छेड़छाड होने की संभावना से इनकार नहीं किया सकता है।
उन्होंने बताया कि शासकीय कर्मचारियों, 80 वर्ष से अधिक एवं दिव्यांग मतदाताओं, द्वारा पोस्टल वोट्स से मतदान किया गया। वह समस्त मतपत्र जिला निर्वाचन अधिकारी के आधिपत्य में होना सूचित किया गया है। लेकिन मतपत्रों के भंडारण का स्थान सुनिश्चित नहीं किया जा रहा है। कांग्रेस पार्टी के प्रत्याशियों द्वारा मांग की गई है कि समस्त पोस्टल वोट्स को जिला कोषालय में रखा जाए। मतपत्रों की सुरक्षा हेतु एसएएफ एवं केंद्रीय सुरक्षा बल की तैनाती की जाए। कोषालय में प्रवेश करने वाले व्यक्ति का नाम, नंबर एवं हस्ताक्षर कराने के बाद ही अनुमति दी जाए। सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग में बिजली चले जाने के कारण अवरुद्ध होने की संभावना को ध्यान में रखते हुए 24 घंटे के लिए जनरेटर बैकप लिया जाए।
अतः प्रदेश कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग से आग्रह किया है कि शासकीय कर्मचारियों, 80 वर्ष से अधिक और दिव्यांग मतदाताओं द्वारा पोस्टल वोट्स किए गए मतपत्र, जिनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उपरोक्त सुझावों को अंगीकार करने की कृपा करें। ताकि पोस्टल वोट्स के साथ किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न हो सके।
