उज्जैन बोरवेल हादसा: तीन साल के बच्चे की मौत, 22 घंटे चली निकालने की कोशिश रही नाकाम
उज्जैन के झालरिया गांव में तीन साल के मासूम भागीरथ की बोरवेल में फंसने से मौत हो गई। उसको बचाने के लिए 22 घंटे तक रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया।
विस्तार
उज्जैन के बड़नगर के ग्राम झालरिया में मौत और जिंदगी के बीच की जंग मासूम भागीरथ हार गया। 3 साल के भागीरथ की मौत एक गहरे बोरवेल में गिरने के कारण हो गई। उसे बचाने के लिए प्रशासन और रेस्क्यू टीमों ने 22 घंटे तक अपनी पूरी ताकत झोंक दी ।
राजस्थान के पाली जिले का रहने वाला 3 वर्षीय भागीरथ अपने परिवार के साथ भेड़ चराने के लिए उज्जैन के बड़नगर आया था। गुरुवार रात करीब 7.30 बजे जब परिवार काम में व्यस्त था, खेलते-खेलते मासूम एक खुले बोरवेल के पास जा पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बोरवेल में झांकने के दौरान उसका संतुलन बिगड़ा और वह सीधे गहराई में समा गया। जैसे ही परिजनों को इस हादसे का पता चला, चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते प्रशासन हरकत में आ गया। 22 घंटे से ज्यादा चले रेस्क्यू ऑपरेशन में बोरवेल के भीतर कैमरा डाला गया। बच्चे की निगरानी रखी गई। सीसीटीवी के माध्यम से भागीरथ को करीब 75 फीट की गहराई पर लोकेट किया गया है। फिर बोरवेल के बरावरी से सुरंग खोदी गई। इन सब प्रयासों के बाद भी उसे नहीं बचाया जा सका। सिलसिले वार पढ़िए इस पूरी घटना के बारे में..।
Ujjain News: अब तक करीब 100 फीट गहरी समानांतर टनल खोदी जा चुकी
बच्चे की स्थिति पर लगातार डिवाइस और आधुनिक उपकरणों के जरिए नजर रखी जा रही है। भागीरथ को मौत के मुंह से खींच लाने के लिए केवल उज्जैन ही नहीं, बल्कि इंदौर और हरदा से भी एसडीआरएफ की विशेष टीमों को बुलाया गया है। हरदा की टीम को इस तरह के जटिल बोरवेल ऑपरेशनों में महारत है। उनके साथ एनडीआरएफ के जवान और कई निर्माण एजेंसियों के सीनियर इंजीनियर मौके पर रणनीति बना रहे हैं।
पिछले 14 घंटों से लगातार जारी इस ऑपरेशन में अब तक करीब 100 फीट गहरी समानांतर टनल खोदी जा चुकी है। मौके पर 5 विशालकाय पोकलेन और कई जेसीबी मशीनें जमीन का सीना चीरकर बच्चे तक पहुंचने का रास्ता बना रही हैं। एसपी प्रदीप शर्मा खुद मौके पर मौजूद हैं और पल-पल की निगरानी कर रहे हैं। पूरे इलाके को पुलिस ने चारों ओर से घेर लिया है, ताकि भारी मशीनरी के काम में कोई बाधा न आए।
एसपी शर्मा ने अपील करते हुए ग्रामीणों से कहा है कि वे घटनास्थल पर भीड़ न लगाएं, क्योंकि भीड़ की वजह से ऑक्सीजन की आपूर्ति और मशीनों के आवागमन में दिक्कत हो सकती है।
Ujjain borewell incident Live: अभी बोरवेल के आसपास की जा रही खुदाई
अभी बचाव कार्य को तेज करने के लिए बोरवेल के आसपास समानांतर गड्ढा खोदा जा रहा है, ताकि दूसरी दिशा से बच्चे तक पहुंचा जा सके। इसके लिए मौके पर 5 से अधिक जेसीबी और पोकलेन मशीनें लगाई गई हैं, जिनसे खुदाई की जा रही है। प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है कि मासूम बच्चे को जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
मौके पर उज्जैन और इंदौर की एसडीआरएफ टीमों ने सबसे पहले मोर्चा संभाला। इसके साथ ही हरदा से एसडीआरएफ की एक विशेष एक्सपर्ट टीम भी बुलाई गई है, जो बोरवेल रेस्क्यू ऑपरेशन में प्रशिक्षित मानी जाती है। इसके अलावा डिजास्टर रेस्क्यू टीम भी राहत कार्य में जुटी हुई है। प्रशासन के अनुसार, चार अलग-अलग रेस्क्यू टीमें अपने स्तर पर बच्चे तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हैं।
MP Ujjain Borewell Accident Live: तीन बार प्रयास विफल
उज्जैन जिले के एसडीआरएफ कमांडेंट संतोष कुमार जाट की तरफ से जानकारी दी गई है कि समानांतर गड्ढा खोदने में चट्टानें आ रही हैं। ऐसे में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रेस्क्यू टीम को बोरवेल के समानांतर सुरंग खोदने में दिक्कतें आ रही हैं। चट्टानें आने से ड्रिलिंग रुक जाती है। ऐसे में इंदौर की टीमें भी पहुंची हैं, जिससे बच्चे को निकालने की कोशिश की जा रही है। बताया जा रहा है कि बच्चे को कपड़े से निकालने की कोशिश भी हुई थी, लेकिन 2 से 3 बार ऊपर खींचते समय बच्चा छूट गया। ऐसे में भागीरथ को निकालने में चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है।
Ujjain News: मासूम भागीरथ के इंतजार में बैठे लोग, कर रहे प्रार्थना
शुक्रवार सुबह से ही लोगों की मौके पर भीड़ जुटने लगी है। तीन साल के भागीरथ को निकालने के लिए लगातार ऑपरेशन चल रहा है। ऐसे में उसके इंतजार में स्थानीय लोग भी मौके पर डटे हुए हैं। सभी लोग भागीरथ को सही-सलामत बाहर निकालने की प्रार्थना कर रहे हैं।
बता दें, कि भागीरथ के पिता प्रवीण देवासी राजस्थान के पाली जिले के रहने वाले हैं। उनका परिवार पिछले तीन दिन से इलाके में भेड़ चराने के लिए रुका हुआ था। परिजनों के अनुसार, बच्चा दीवार के पास खेल रहा था। उसने पत्थर से बोरवेल का ढक्कन हटाया और बाल्टी समझकर पैर डाल दिया, जिससे वह सीधे अंदर गिर गया। मां ने उसे गिरते देखा और बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक वह गहराई में जा चुका था।
Ujjain News: रेस्क्यू टीम ने हैमर मशीन बुलाई
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की संयुक्त टीम भागीरथ तक पहुंचने के लिए पांच पोकलेन मशीनों की मदद से बोरवेल के पास समानांतर सुरंग बना रही है। करीब 40 फीट खुदाई होने के बाद आज सुबह चट्टानें आने लगीं, जिसके चलते काम अस्थायी रूप से रोक दिया गया। अब इन चट्टानों को तोड़ने के लिए रेस्क्यू टीम ने हैमर मशीन मंगवाई है। जानकारी के अनुसार, बोरवेल की गहराई लगभग 200 फीट है और इसमें पानी भी मौजूद है, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गया है।
Ujjain latest News: बच्चे के हाथों में रेस्क्यू रोप की रिंग पहनाकर बाहर निकालने की कोशिश
एसडीआरएफ के कमांडेंट संतोष जाट ने कहा कि हम कोशिश कर रहे हैं कि बच्चे के हाथों में रेस्क्यू रोप की रिंग पहनाकर उसे बाहर निकाल लिया जाए। उन्होंने बताया कि इस प्रयास में भोपाल से पहुंची एनडीआरएफ की टीम, हरदा, इंदौर और उज्जैन की एसडीआरएफ टीमों के साथ संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी है। बोरवेल में कैमरा डालकर बच्चे की स्थिति पर नजर रखी जा रही है। उसे ऑक्सीजन सपोर्ट भी दिया जा रहा है। मौके पर दो एंबुलेंस भी तैनात हैं। रेस्क्यू के दौरान भागीरथ की शर्ट निकाली गई है।
Ujjain News: विधायक जितेंद्र पंड्या ने कहा- मुस्तैदी से बचाव कार्य जारी
घटनास्थल पर पहुंचे बड़नगर विधायक जितेंद्र पंड्या ने मीडिया से बातचीत में कहा कि प्रशासन और सरकार पूरी मुस्तैदी के साथ काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि भागीरथ को सुरक्षित बाहर निकालने के लिए एनडीआरएफ (NDRF) और एसडीआरएफ (SDRF) की टीमें लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं। विधायक पंड्या ने कहा कि सभी का यही प्रयास है कि मासूम भागीरथ को सकुशल बाहर निकाला जा सके।
Ujjain News: मासूम के बचाव के लिए प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा-डीएम
उज्जैन कलेक्टर रोशन कुमार सिंह ने कहा कि एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें बीती रात से लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटी हुई हैं। उन्होंने बताया कि भागीरथ को बचाने के प्रयास लगातार जारी हैं। कैमरे के माध्यम से उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है और प्रशासन हर संभव प्रयास कर रहा है कि उसे जल्द से जल्द सुरक्षित बाहर निकाला जा सके।
Ujjain Tragedy Live Update: नए कपड़ों को पहनकर पूरे घर में चहक रहा था भागीरथ
उज्जैन में राजस्थान में होने वाले विवाह समारोह को लेकर भागीरथ के घर में उत्साह का माहौल था। मासूम भागीरथ सबसे ज्यादा खुश था, क्योंकि उसे शादी में पहनने के लिए नए कपड़े दिलाए गए थे। कल तक वह उन नए कपड़ों को पहनकर पूरे घर में चहक रहा था और उसकी हंसी से आंगन गूंज रहा था। भागीरथ की मौसी ने भारी मन से बताया कि घर के अधिकांश लोग राजस्थान पहुंच चुके थे और भागीरथ का परिवार भी निकलने ही वाला था। शाम को नए कपड़ों में खेलते हुए वह अचानक 200 फीट गहरे बोरवेल में गिर गया। अब घर के एक कोने में वह नई पोशाक रखी है और दूसरी ओर उसकी मां की पथराई आंखें बस बोरवेल के मुहाने की ओर टिकी हैं।
Ujjain Tragedy News: रिंग रेस्क्यू नाकाम, भागीरथ तक पहुंचने के लिए सुरंग खुदाई जारी
एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भागीरथ को रिंग रेस्क्यू के जरिए बाहर निकालने का प्रयास कर रही थीं, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर अब बोरवेल के पास समानांतर सुरंग खोदने का काम फिर से शुरू कर दिया गया है।
गौरतलब है कि बीती रात से ही रेस्क्यू टीम रोप रिंग और समानांतर सुरंग दोनों तरीकों से बच्चे को बाहर निकालने की कोशिश कर रही थी। हालांकि, रोप रिंग के जरिए बार-बार असफलता मिलने के बाद अब सुरंग बनाकर बच्चे तक पहुंचने पर ज्यादा जोर दिया जा रहा है। रेस्क्यू टीम लगातार प्रयास में जुटी हुई है और हर संभव तरीके से भागीरथ को सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश की जा रही है।
प्रशासन की अपील - घटनास्थल पर भीड़ न लगाए
भागीरथ के पिता पाली से पहुंचे उज्जैन के झालरिया गांव
50 फीट गड्ढा खोदना बचा, बच्चे तक पहुंचने में तीन से चार घंटे और लगेंगे
मासूम भागीरथ को बचाने के लिए चलाए जा रहे रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान लगातार परेशानियां बढ़ती जा रही हैं। रिंग रेस्क्यू के बाद प्रशासन लगातार टनल खोदने की ओर भी ध्यान दे रहा है। बताया जाता है कि अभी लगभग 50 फीट गड्ढा खोदना और बचा है। इसके बाद रेस्क्यू टीम भागीरथ तक पहुंच पाएगी। रेस्क्यू टीम द्वारा खोदी जा रही टनल में पानी आने के कारण टनल खोदने में कुछ परेशानी जरूर आ रही है, लेकिन तीन से चार घंटे में टीम लगभग 50 फीट गड्ढे को खोद पाएगी।
खेत मालिक पर हो सकती है कार्यवाही
उज्जैन में झलारिया गांव में बच्चे के गिरने के बाद अब जिला प्रशासन खेत मालिक पर एक्शन लेगा। 3 साल का बच्चे को गहरे बोरवेल से निकालने के अभियान के पूरा होते ही एक्शन होगा।
शाम होने से पहले रेस्क्यू करने का दबाव
3 साल के भागीरथ को रेस्क्यू करने के लिए अब दबाव बढ़ता जा रहा है। शाम होने तक भागीरथ को बोरवेल में फंसे हुए 24 घंटे हो जाएंगे। वहीं, अंधेरा होने पर रेस्क्यू ऑपरेशन में काफी दिक्कतें आ सकती हैं।
