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Ujjain News: पूर्व MLA गुर्जर का विधायक चौहान पर आरोप- नागदा को जिला बनाने के प्रयास की बजाय कर रहे गुमराह
Wed, 02 Apr 2025 07:23 PM IST
उज्जैन ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Wed, 02 Apr 2025 07:23 PM IST
सार
पूर्व विधायक दिलीपसिंह गुर्जर ने वर्तमान विधायक तेजबहादुरसिंह चौहान पर नागदा को जिला बनाने के मामले में जनता को गुमराह करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि परिसीमन आयोग केवल सिफारिश करता है, जबकि राजस्व विभाग निर्णय लेता है। गुर्जर ने दावा किया कि नागदा जिला बनने से शिक्षा, रोजगार और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।
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पूर्व विधायक गुर्जर ने विधायक चौहान पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
नागदा को जिला बनाने के लेकर राजनीति पारा एक बार फिर चढ़ा है। पूर्व विधायक ने वर्तमान विधायक पर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विधायक मामले में जनता को गुमराह कर रहे हैं।
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पूर्व विधायक दिलीपसिंह गुर्जर ने आरोप लगाया है कि नागदा विधायक तेजबहादुरसिंह चौहान दशीटर की जनता को गुमराह कर रहे हैं। उन्होंने व्यापारी संघ के कार्यक्रम में नागदा को जिला बनाने के संबंध में कहा था कि प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जिलों को लेकर पुनर्गठन आयोग का गठन किया है। जिस कारण व्यवस्था बदली है। गुर्जर ने कहा कि व्यवस्थाएं बदली हैं, परंतु संविधान नहीं बदला है। जिला बनाने के लिए प्रक्रिया व कानून नहीं बदला है, परिसीमन आयोग बनने के पश्चात भी शासन के नियम यथावत हैं। आयोग के नाम पर नागदा को जिला नहीं बनाने का एक षड्यंत्र है। चौहान क्षेत्र की जनता के बीच अपना मत स्पष्ट करें कि वो नागदा को जिला बनाना चाहते हैं कि नहीं?
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गुर्जर ने कहा है कि 12 मार्च 2024 को एक वर्ष की कार्यावधि के लिए नवीन प्रशासनिक इकाई पुनर्गठन आयोग का गठन किया गया है, परंतु नए जिले बनाने का अधिकार आयोग को भी नहीं है। आयोग सिर्फ प्रस्ताव व सिफारिश करेगा। राजस्व विभाग धारा 13 के अन्तर्गत जिला बनाने की प्रक्रिया पूर्ण करेगा। वो ही प्रक्रिया है जो नागदा को जिला बनाने में हुई थी, क्या श्रेय की राजनीति के चलते उसी प्रक्रिया को पुनः दोहराने का नाटक किया जाएगा? परिसीमन आयोग का गठन हुए एक वर्ष बीत चुका है। एक वर्ष पश्चात विधायक तेजबहादुरसिंह कह रहे हैं कि जो जिले की कल्पना करते हैं वो उस आयोग के सामने अच्छे सुझाव व पक्ष प्रस्तुत करें। मैं भी कर रहा हूं।
गुर्जर का आरोप है कि जिला बनाने के लिए अभी तक विधायक तेजबहादुरसिंह द्वारा अपना कोई पक्ष आयोग के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि वो नागदा को जिला नहीं बनाना चाहते। यदि चाहते हैं तो वो जनता को अवगत कराएं कि वो जिले को लेकर कौन-कौन सी तहसीलों को मिलाकर जिला बनाने के लिए अपना क्या पक्ष आयोग के समक्ष रख रहे हैं? उसी अनुसार क्षेत्र की जनता अपना पक्ष रखेगी, जिससे कि नागदा का पक्ष मजबूत हो। गुर्जर ने कहा है कि उज्जैन-रतलाम जिले की सीमाओं का परिवर्तन करके नागदा को नया जिला बनाने के गजट नोटिफिकेशन जारी कर आपत्तियों के निराकरण करने की प्रक्रिया पूर्ण हो चुकी है। पुर्नगठन आयोग भी राजस्व मंत्रालय के अधीन है। नागदा को जिला बनाने की उक्त प्रक्रिया पुनः दोहराने का कोई वैधानिक प्रावधान नहीं है। विधायक चौहान कुछ अप्रत्यक्ष दबाव के चलते जनता को गुमराह कर रहे हैं।
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नागदा जिला बना तो मिल जाएगी यह सौगात
गुर्जर ने कहा है कि विधायक चौहान सत्तारूढ़ पार्टी के विधायक होते हुए भी क्षेत्र में आईटीआई कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज व अन्य मांग कर रहे हैं, जिसमें शासन के नकारात्मक जवाब हैं। यदि वो नागदा को जिला बनाने की अंतिम प्रक्रिया पूर्ण कर जिला बना लें तो मेडिकल कॉलेज, इंजीनियर कॉलेज, पॉलिटेक्निक कॉलेज, आईटीआई, जिला चिकित्सालय आदि करीब 50 से अधिक विभागों के कार्यालय नागदा में आ जाएंगे, जिससे कि नागदा में शिक्षा, रोजगार, व्यापार, व्यवसाय के खूब अवसर क्षेत्र की जनता को उपलब्ध होंगे। क्षेत्र में उन्नति व समृद्धि होगी।
