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Ujjain News: ‘धार्मिक शहरों से शराबबंदी करना हमारी पॉलिसी’...हम इसे करके ही मानेंगे’; सीएम मोहन यादव
Tue, 21 Jan 2025 05:45 PM IST
उज्जैन ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Tue, 21 Jan 2025 05:45 PM IST
सार
धार्मिक शहरों से शराबबंदी करना हमारी पॉलिसी है और हम इसे करके ही मानेंगे। मुझे इस बात की प्रसन्नता है कि हम धीरे-धीरे इस और बढ़ रहे हैं। यह बात मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव ने आज धार्मिक नगरी उज्जैन में शहीद हेमू कालानी को माल्यार्पण करने के बाद मीडिया से कही।
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सीएम मोहन यादव
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
अमर शहीद हेमू कालानी के शहादत दिवस पर माल्यार्पण करने उज्जैन आए मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सिंधी कॉलोनी स्थित हेमू कालानी के प्रतिमा स्थल पर पहुंचकर पहले शहीद हेमू कालानी को याद किया और फिर उनकी शहादत को नमन करते हुए हेमू कालानी अमर रहे के नारे भी लगाए। इस दौरान उन्होंने मीडिया से कहा कि प्रतिवर्ष में अमर शहीद हेमू कालानी के बलिदान दिवस पर यहां आता रहा हूं।
यह एक ऐसा स्थान है, जहां से हम हेमू कालानी ही नहीं बल्कि स्वतंत्रता संग्राम में शहीद हुए सभी सेनानियों को याद करते हैं। आपने धार्मिक नगरियों में शराबबंदी करने के मामले में कहा कि यह कोई अचानक नहीं हो रहा है। मध्य प्रदेश सरकार एक पॉलिसी के तहत काम करती है और वह वर्तमान में यही कर रही है। धार्मिक नगरियों में पवित्रता बनी रहे इसीलिए शराबबंदी का निर्णय लिया गया है जो जल्द ही साकार होगा।
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शहीदों ने सर्वस्व न्योछावर कर अंग्रेजों को देश से भगाकर इस लूट को रोका था
हेमू कालानी सहित अन्य क्रांतिकारियों के अथक प्रयासों से एक हजार साल के लगभग का गुलामी का काल खत्म हुआ। हर शताब्दी में भारत माता की गोद में विदेशी आक्रंताओं से लड़ने वाले वीर शहीदों ने जन्म लेकर भारतीय संस्कृति की रक्षा कर जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी को चरितार्थ किया है। अंग्रेजी आक्रंताओं ने 64 ट्रीलियन डॉलर से अधिक धन भारत से लूटा। हमारे अमर शहीदों ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर अंग्रेजों को देश से भगाकर इस लूट को रोका था।
मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि पृथ्वीराज चौहान (1192) से 1947 तक हमारे देश का इतिहास निरंतर वीर शहीदों और शूरवीरों से सुसज्जित रहा है। महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज, गोंड साम्राज्य, बाजीराव पेशवा, सिंधिया साम्राज्य, होलकर साम्राज्य सहित अन्य साम्राज्यों ने विदेशी आक्रंताओं से निरंतर लड़ाई लड़ी। मुगल व अन्य विदेशी आक्रमणकारियों ने हमारे मंदिरों व संस्कृति पर निरंतर आक्रमण किए। हमने अपने बाहुबल से इन घटनाओं का समयोचित तरीके से उत्तर सनातन संस्कृति तथा श्री चिंतामण गणेश, बड़ा गणपति महाराज, श्री कालभैरव, श्री मंगलनाथ महाराज, श्री सिद्धनाथ महाराज देवस्थानों को पुर्नस्थापित कर दिया।
अमर शहीद हेमू कालानी भारत माता के वीर सपूत
हेमू कालानी एक ऐसे क्रांतिकारी थे, जिन्होंने भारत की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। सिंध के सुक्कुर में जन्मे हेमू कालानी ने बहुत कम उम्र में ही देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत होकर अंग्रेजी शासन के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने बचपन से ही विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार कर स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने का आग्रह लोगों से किया। वर्ष 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। हेमू कालानी और उनके साथियों ने अंग्रेजी सेना के खिलाफ कई साहसिक कार्य किए। उन्होंने हथियारों से भरी रेलगाड़ी को पटरी से उतारने की योजना बनाई। इस पर अंग्रेजी सरकार ने हेमू कालानी को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें फांसी की सजा सुनाई।
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यह एक ऐसा स्थान है, जहां से हम हेमू कालानी ही नहीं बल्कि स्वतंत्रता संग्राम में शहीद हुए सभी सेनानियों को याद करते हैं। आपने धार्मिक नगरियों में शराबबंदी करने के मामले में कहा कि यह कोई अचानक नहीं हो रहा है। मध्य प्रदेश सरकार एक पॉलिसी के तहत काम करती है और वह वर्तमान में यही कर रही है। धार्मिक नगरियों में पवित्रता बनी रहे इसीलिए शराबबंदी का निर्णय लिया गया है जो जल्द ही साकार होगा।
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शहीदों ने सर्वस्व न्योछावर कर अंग्रेजों को देश से भगाकर इस लूट को रोका था
हेमू कालानी सहित अन्य क्रांतिकारियों के अथक प्रयासों से एक हजार साल के लगभग का गुलामी का काल खत्म हुआ। हर शताब्दी में भारत माता की गोद में विदेशी आक्रंताओं से लड़ने वाले वीर शहीदों ने जन्म लेकर भारतीय संस्कृति की रक्षा कर जननी जन्मभूमिश्च स्वर्गादपि गरीयसी को चरितार्थ किया है। अंग्रेजी आक्रंताओं ने 64 ट्रीलियन डॉलर से अधिक धन भारत से लूटा। हमारे अमर शहीदों ने अपना सर्वस्व न्योछावर कर अंग्रेजों को देश से भगाकर इस लूट को रोका था।
मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि पृथ्वीराज चौहान (1192) से 1947 तक हमारे देश का इतिहास निरंतर वीर शहीदों और शूरवीरों से सुसज्जित रहा है। महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज, गोंड साम्राज्य, बाजीराव पेशवा, सिंधिया साम्राज्य, होलकर साम्राज्य सहित अन्य साम्राज्यों ने विदेशी आक्रंताओं से निरंतर लड़ाई लड़ी। मुगल व अन्य विदेशी आक्रमणकारियों ने हमारे मंदिरों व संस्कृति पर निरंतर आक्रमण किए। हमने अपने बाहुबल से इन घटनाओं का समयोचित तरीके से उत्तर सनातन संस्कृति तथा श्री चिंतामण गणेश, बड़ा गणपति महाराज, श्री कालभैरव, श्री मंगलनाथ महाराज, श्री सिद्धनाथ महाराज देवस्थानों को पुर्नस्थापित कर दिया।
अमर शहीद हेमू कालानी भारत माता के वीर सपूत
हेमू कालानी एक ऐसे क्रांतिकारी थे, जिन्होंने भारत की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। सिंध के सुक्कुर में जन्मे हेमू कालानी ने बहुत कम उम्र में ही देशभक्ति की भावना से ओत-प्रोत होकर अंग्रेजी शासन के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने बचपन से ही विदेशी वस्तुओं का बहिष्कार कर स्वदेशी वस्तुओं को अपनाने का आग्रह लोगों से किया। वर्ष 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में सक्रिय भूमिका निभाई। हेमू कालानी और उनके साथियों ने अंग्रेजी सेना के खिलाफ कई साहसिक कार्य किए। उन्होंने हथियारों से भरी रेलगाड़ी को पटरी से उतारने की योजना बनाई। इस पर अंग्रेजी सरकार ने हेमू कालानी को गिरफ्तार कर लिया और उन्हें फांसी की सजा सुनाई।
