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Ujjain Mahakal: बाबा महाकाल ने दिए 12 ज्योतिर्लिंग स्वरूप में दर्शन, जिसने देखा... देखता ही रह गया
Tue, 24 Dec 2024 08:24 AM IST
उज्जैन ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उज्जैन
Published by: उज्जैन ब्यूरो
Updated Tue, 24 Dec 2024 08:24 AM IST
सार
श्री महाकालेश्वर मंदिर में पौष माह कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि पर विशेष पूजन-अर्चन संपन्न हुआ। श्री महाकालेश्वर मंदिर बाबा महाकाल की भस्म आरती के दौरान 12 ज्योतिर्लिंग स्वरूप में दर्शन हुए।
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बाबा महाकाल की भस्म आरती।
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
श्री महाकालेश्वर मंदिर में आज मंगलवार को बाबा महाकाल की भस्म आरती के दौरान 12 ज्योतिर्लिंग स्वरूप में दर्शन हुए, जिसके बाद बाबा महाकाल का भांग से आलौकिक स्वरूप में शृंगार किया गया। आज भस्म आरती मे चारों और जय श्री महाकाल की गूंज भी गुंजायमान हुई। जिसने भी इन दिव्य दर्शनों का लाभ लिया वह देखते ही रह गया। भक्तों को दर्शन देने के लिए बाबा महाकाल सुबह 4 बजे जागे। उसके बाद बाबा महाकाल की भस्म आरती धूमधाम से की गई।
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि पौष माह कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि मंगलवार पर बाबा महाकाल सुबह 4 बजे जागे। भगवान वीरभद्र और मानभद्र की आज्ञा लेकर मंदिर के पट खोले गए। उसके बाद सबसे पहले भगवान को गर्म जल से स्नान, पंचामृत अभिषेक करवाने के साथ ही केसर युक्त जल अर्पित किया गया। बाबा महाकाल 12 ज्योतिर्लिंग के रूप से शृंगारित हुए। उसके बाद फिर पूजन अर्चन के बाद बाबा महाकाल को महानिर्वाणी अखाड़े के द्वारा भस्म रमाई गई। भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का ऐसा शृंगार देख सभी अभिभूत हो गए। बाबा महाकाल के इस आलौकिक स्वरूप को सभी ने निहारा। श्रद्धालुओं ने इस दौरान बाबा महाकाल के निराकार से साकार होने के स्वरूप का दर्शन कर जय श्री महाकाल का उद्घोष भी किया।
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विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा ने बताया कि पौष माह कृष्ण पक्ष की नवमी तिथि मंगलवार पर बाबा महाकाल सुबह 4 बजे जागे। भगवान वीरभद्र और मानभद्र की आज्ञा लेकर मंदिर के पट खोले गए। उसके बाद सबसे पहले भगवान को गर्म जल से स्नान, पंचामृत अभिषेक करवाने के साथ ही केसर युक्त जल अर्पित किया गया। बाबा महाकाल 12 ज्योतिर्लिंग के रूप से शृंगारित हुए। उसके बाद फिर पूजन अर्चन के बाद बाबा महाकाल को महानिर्वाणी अखाड़े के द्वारा भस्म रमाई गई। भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का ऐसा शृंगार देख सभी अभिभूत हो गए। बाबा महाकाल के इस आलौकिक स्वरूप को सभी ने निहारा। श्रद्धालुओं ने इस दौरान बाबा महाकाल के निराकार से साकार होने के स्वरूप का दर्शन कर जय श्री महाकाल का उद्घोष भी किया।
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