मध्यप्रदेश में बाढ़ : भिंड में कुएं में मोटर सही करने उतरे तीन युवक, जहरीली गैस से मौत
अटेर के परा गांव की घटना में तीन युवकों की जहरीली गैस से मौत हो गई। एक चौथे युवक को बाल-बाल बचा लिया गया। हालांकि, पूरे मामले में पुलिस के ढुलमुल रवैये से ग्रामीणों में आक्रोश है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
भिंड के अटेर में कुएं में लगी मोटर सही करने उतरे तीन युवकों की जहरीली गैस से मौत हो गई। घटना शुक्रवार सुबह की है। बताया जा रहा है कि तीनों युवक पेशे से किसान थे। जानकारी के मुताबिक, क्वारी नदी में आई बाढ़ के कारण अटेर के परा गांव में पानी घुस आया है। बाढ़ के पानी के कारण इसी गांव के एक कुएं में भी पानी बढ़ने लगा। जिससे उसमें लगी मोटर खराब हो गई। इसे सही करने तीन युवक कुएं में उतरे, जिनकी मौके पर ही मौत हो गई। मौत की सूचना के करीब दो घंटे बाद पुलिस व प्रशासन मौके पर पहुंचा, जिससे गांव के लोगों में आक्रोश है।
बाल-बाल बचा चौथा युवक
जानकारी के मुताबिक, परा गांव के हनीफ के खेत में कुआं था, जिसमें लगी मोटर खराब हो गई थी। हनीफ सुबह करीब साढ़े दस बजे बसारत और भूरे खां के साथ मोटर सही करने निकला। तीनों रस्सी के सहारे कुएं में उतरे। जैसे ही तीनों नीचे पहुंचे तो वहां फैली जहरीली गैस के कारण तीनों बेहोश हो गए। वहां मौजूद लोगों ने इसकी सूचना परिवारीजनों को दी, जिसके बाद एक अन्य युवक तीनों को बचाने के लिए कुएं में उतरा। लेकिन, वह भी बेहोश हो गया, जिसे रस्सी के सहारे तुरंत निकाल लिया गया और उसकी जान बच गई। अटेर थाना के पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, तीनों युवकों की मौत हो चुकी है। पुलिस का कहना है कि तीनों युवक एक ही परिवार के हैं। घटना के बाद एसपी मनोज कुमार सिंह, एसडीएम उदय सिंह व अन्य अधिकारी भी पहुंचे।
दो घंटे बाद आया प्रशासन, ग्रामीणों ने लगाया जाम
तीनों युवकों की मौत के बाद लोगों ने पुलिस को सूचना दी। लेकिन, दो घंटे तक कोई भी अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। जब पुलिस वाले राहत टीम लेकर पहुंचे तबतक बहुत देर हो चुकी थी। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस का कहना था कि ऑक्सीजन सिलेंडर आने पर ही युवकों को कुएं से निकाला जाएगा। पुलिस के इस रवैये से नाराज ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दी, जिससे यातायात दो घंटे तक प्रभावित रहा।
