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मौत के बाद एक किशोरी के अंगदान से तीन लोगों को मिली नई जिंदगी, परिवार ने पेश की मिसाल
भाषा, इंदौर
Updated Sun, 12 Aug 2018 09:53 PM IST
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एक 14 वर्षीय लड़की की मौत के बाद परिजनों ने उसके अंगदान करने का फैसला लेकर आज यहां तीन जरूरतमंद मरीजों को एक नई जिंदगी की सौगात दी।
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अधिकारियों ने बताया कि हरदा की रहने वाली अंजलि तलरेजा (14) नौ अगस्त को सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गयी थी। परिजनों ने उसे इंदौर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। लेकिन लगातार इलाज के बाद भी उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ और डॉक्टरों ने जांच के बाद आज उसे दिमागी रूप में मृत घोषित कर दिया।
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उन्होंने बताया कि अंजलि के परिजनों को प्रेरित किया गया, तो वे शोक में डूबे होने के बावजूद अपने दिवंगत स्वजन के अंगदान के लिये राजी हो गये।
अधिकारियों ने बताया कि किशोरी के मृत शरीर से निकाला गया लीवर और दोनों किडनी तीन जरूरतमंद मरीजों को प्रत्यारोपित की गयीं। इन अंगों को मरीजों तक तेज गति से पहुंचाने के लिये संबंधित अस्पतालों के बीच दो ग्रीन कॉरिडोर बनाये गये।
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ग्रीन कॉरिडोर बनाने से तात्पर्य सड़कों पर यातायात को इस तरह व्यवस्थित करने से है कि अंगदान से मिले अंगों को एम्बुलेंस के जरिए कम से कम समय में जरूरतमंद मरीज तक पहुंचाया जा सके।
इंदौर में पिछले 34 महीने में दिमागी रूप से मृत 30 से ज्यादा मरीजों का अंगदान हो चुका है। इससे मिले दिल, लीवर, किडनी, आँखों और त्वचा के प्रत्यारोपण से मध्यप्रदेश के अलावा दिल्ली, हरियाणा और महाराष्ट्र में करीब 210 जरूरमंद मरीजों को नए जीवन की अनमोल सौगात मिली है। दूसरे सूबों में हवाई मार्ग से अंग पहुंचाये गये हैं।
