{"_id":"64e0ac8aab6c70ee9c0ad460","slug":"teak-wood-smuggling-in-pushpa-style-in-burhanpur-2023-08-19","type":"story","status":"publish","title_hn":"MP News: पुष्पा स्टाइल में सागौन की तस्करी; नदी में बहाकर ले जाए जा रहे थे लकड़ी के लट्ठे, वन विभाग ने पकड़े","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
MP News: पुष्पा स्टाइल में सागौन की तस्करी; नदी में बहाकर ले जाए जा रहे थे लकड़ी के लट्ठे, वन विभाग ने पकड़े
Sat, 19 Aug 2023 05:21 PM IST
अर्पित याज्ञनिक
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुरहानपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बुरहानपुर
Published by: अर्पित याज्ञनिक
Updated Sat, 19 Aug 2023 05:21 PM IST
सार
बुरहानपुर के खकनार रेंज के वन विभाग के स्टाफ मुकबिर की सूचना के बाद खकनार वन रेंज में ड्रोन कैमरे से अपनी निगाह बनाए हुए था।
विज्ञापन
लकड़ी के लट्ठों के साथ विभाग की टीम।
- फोटो : Amar Ujala Digital
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में फिल्म पुष्पा के अंदाज में लकड़ी की तस्करी का मामला समने आया। बुरहानपुर के ग्राम अंबाला के पास ताप्ती नदी से वन विभाग की टीम ने सागौन की लकड़ी जब्त की है। ये सागौन लकड़ी के लट्ठे पानी के रास्ते बहाकर ले जाए जा रहे थे। सागौन लकड़ी के 18 नग लठ्ठे लगभग तीन घन मीटर के हैं। वन विभाग की टीम ने मुखबिर की सूचना पर ये कार्रवाई की।
विज्ञापन
दरअसल मध्य प्रदेश के बुरहानपुर के खकनार रेंज के वन विभाग के स्टाफ को मुकबिर से चार दिन पहले सूचना मिली थी कि लकड़ी माफिया सागौन की लकड़ियों को नदी में बहाकर दूसरी जगह ले जाने की योजना बना रहे हैं। इसके बाद खकनार वन रेंज का स्टॉफ ड्रोन कैमरे से भी वन परिक्षेत्र पर अपनी निगाह बनाए हुए था। शनिवार को जैसे ही ग्राम अंबाला के पास ताप्ती नदी में सागौन के 18 नग लट्ठे बहते हुए दिखाई दिए तो विभाग की टीम ने कार्रवाई को अंजाम देते हुए लट्ठों को अपने कब्जे में लिया। ताप्ती नदी से जब्त किए गए 18 नग सागौन के लट्ठे तीन घन मीटर हैं। जब्त लट्ठों को डिपो भेजा जा रहा है और आरोपियों की तलाश की जा रही है। सात ही लकड़ी किस जंगल से लाई जा रही है इसकी भी जांच की जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन
उक्त कार्रवाई विपरीत परिस्थितियों में खकनार रेंज के स्टाफ जिनमें महिला वन रक्षक रूपा मुड़िया का विशेष योगदान रहा। इसके अतिरिक्त वन रक्षक विजय खंपरिया, वन रक्षक रमेश अग्निहोत्री, वन रक्षक मनोज कुशवाह का योगदान सराहनीय रहा है।
