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शिवपुरी: शराब के खिलाफ महिलाओं के आंदोलन को मिला उमा भारती का साथ, फिर गरमाया शराबबंदी का मुद्दा
Sat, 12 Sep 2026 04:23 PM IST
शिवपुरी ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी
Published by: शिवपुरी ब्यूरो
Updated Sat, 12 Sep 2026 04:23 PM IST
सार
शराब दुकानों के विरोध में चल रहे महिलाओं के आंदोलन को अब भाजपा की वरिष्ठ नेता उमा भारती का समर्थन मिल गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रदर्शनकारी महिलाओं के पक्ष में आवाज उठाई, जिसके बाद प्रदेश में शराबबंदी की बहस फिर तेज हो गई।
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पूर्व सीएम उमा भारती
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जिले में शराब के खिलाफ महिलाओं का आंदोलन अब प्रदेश की सियासत में भी चर्चा का विषय बन गया है। पिछले चार दिनों से जिले के अलग-अलग इलाकों में महिलाएं शराब दुकानों के विरोध में प्रदर्शन कर रही हैं। आंदोलन के उग्र होने के बीच अब मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा की वरिष्ठ नेता उमा भारती ने महिलाओं के इस आंदोलन का खुलकर समर्थन किया है।
शुक्रवार शाम उमा भारती ने अपने एक्स हैंडल से पोस्ट कर शिवपुरी की प्रदर्शनकारी महिलाओं के समर्थन में आवाज उठाई। उन्होंने लिखा- शराब के खिलाफ प्रदर्शन कर रहीं शिवपुरी जिले की महिलाओं का हम आप सब लोग पूर्ण समर्थन करें। उमा भारती की इस पोस्ट के बाद शराबबंदी का मुद्दा एक बार फिर प्रदेश की राजनीति में सुर्खियों में आ गया है।
दरअसल जिले में पिछले कुछ दिनों से महिलाएं शराब दुकानों के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। महिलाओं का आरोप है कि शराब की वजह से परिवारों पर आर्थिक और सामाजिक असर पड़ रहा है। इसी को लेकर अलग-अलग स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। कुछ जगहों पर महिलाओं ने शराब की दुकानों को बंद कराने की मांग को लेकर प्रशासन के सामने अपनी नाराजगी भी जाहिर की है।
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ये भी पढ़ें: इंदौर: जीतू यादव की एमआईसी में वापसी से बवाल, विरोध में परिवार संग धरने पर बैठे भाजपा पार्षद
इस आंदोलन को ऐसे समय में उमा भारती का समर्थन मिला है, जब प्रदेश में शराबबंदी को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो रही है। उमा भारती लंबे समय से प्रदेश में शराबबंदी की मांग करती रही हैं। मुख्यमंत्री रहते हुए भी उनका शराबबंदी को लेकर सख्त रुख रहा है। बाद के वर्षों में भी उन्होंने शराब दुकानों के विरोध में कई बार आंदोलन किए। उमा भारती के समर्थन से शिवपुरी की महिलाओं के आंदोलन को राजनीतिक ताकत मिलने की संभावना है। अब सवाल यह है कि क्या सरकार महिलाओं की मांग पर कोई ठोस कदम उठाएगी या फिर यह आंदोलन आने वाले दिनों में और बड़ा रूप लेगा?
फिलहाल शिवपुरी में महिलाओं का शराब विरोधी आंदोलन जारी है और उमा भारती के समर्थन के बाद इस मुद्दे पर प्रशासन के साथ-साथ राजनीतिक दलों की नजर भी टिक गई है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सरकार इस विरोध प्रदर्शन को किस तरह लेती है और शराब दुकानों को लेकर क्या निर्णय किया जाता है।
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शुक्रवार शाम उमा भारती ने अपने एक्स हैंडल से पोस्ट कर शिवपुरी की प्रदर्शनकारी महिलाओं के समर्थन में आवाज उठाई। उन्होंने लिखा- शराब के खिलाफ प्रदर्शन कर रहीं शिवपुरी जिले की महिलाओं का हम आप सब लोग पूर्ण समर्थन करें। उमा भारती की इस पोस्ट के बाद शराबबंदी का मुद्दा एक बार फिर प्रदेश की राजनीति में सुर्खियों में आ गया है।
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दरअसल जिले में पिछले कुछ दिनों से महिलाएं शराब दुकानों के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। महिलाओं का आरोप है कि शराब की वजह से परिवारों पर आर्थिक और सामाजिक असर पड़ रहा है। इसी को लेकर अलग-अलग स्थानों पर विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं। कुछ जगहों पर महिलाओं ने शराब की दुकानों को बंद कराने की मांग को लेकर प्रशासन के सामने अपनी नाराजगी भी जाहिर की है।
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इस आंदोलन को ऐसे समय में उमा भारती का समर्थन मिला है, जब प्रदेश में शराबबंदी को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो रही है। उमा भारती लंबे समय से प्रदेश में शराबबंदी की मांग करती रही हैं। मुख्यमंत्री रहते हुए भी उनका शराबबंदी को लेकर सख्त रुख रहा है। बाद के वर्षों में भी उन्होंने शराब दुकानों के विरोध में कई बार आंदोलन किए। उमा भारती के समर्थन से शिवपुरी की महिलाओं के आंदोलन को राजनीतिक ताकत मिलने की संभावना है। अब सवाल यह है कि क्या सरकार महिलाओं की मांग पर कोई ठोस कदम उठाएगी या फिर यह आंदोलन आने वाले दिनों में और बड़ा रूप लेगा?
फिलहाल शिवपुरी में महिलाओं का शराब विरोधी आंदोलन जारी है और उमा भारती के समर्थन के बाद इस मुद्दे पर प्रशासन के साथ-साथ राजनीतिक दलों की नजर भी टिक गई है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि सरकार इस विरोध प्रदर्शन को किस तरह लेती है और शराब दुकानों को लेकर क्या निर्णय किया जाता है।
