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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   The High Court formed a three-member committee to investigate the water hyacinth case

MP: हाईकोर्ट ने जलकुंभी मामले की जांच के लिए बनाई तीन सदस्यीय कमेटी, आदित्य राज पांडे ने दायर की थी याचिका

Tue, 18 Feb 2025 07:36 PM IST
शिवपुरी ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिवपुरी Published by: शिवपुरी ब्यूरो Updated Tue, 18 Feb 2025 07:36 PM IST
सार

याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट के समक्ष यह मुद्दा उठाया था कि सांख्य सागर झील, जो माधव राष्ट्रीय उद्यान में स्थित है और एक अंतरराष्ट्रीय महत्व की झील है, जिसका रामसर साइट का दर्जा प्राप्त है, अब जलकुंभी की बढ़ती समस्या के कारण संकट में है।

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The High Court formed a three-member committee to investigate the water hyacinth case
झील में जलकुंभी - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

ग्वालियर हाईकोर्ट की डबल बेंच ने शिवपुरी स्थित माधव राष्ट्रीय उद्यान के सांख्य सागर झील में बढ़ती जलकुंभी की समस्या की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने का निर्देश दिया है। इस मामले में याचिका आदित्य राज पांडे ने दायर की थी। याचिकाकर्ता की ओर से युवा एडवोकेट और शिवपुरी निवासी निपुण सक्सेना ने पक्ष रखा।
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याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट के समक्ष यह मुद्दा उठाया था कि सांख्य सागर झील, जो माधव राष्ट्रीय उद्यान में स्थित है और एक अंतरराष्ट्रीय महत्व की झील है, जिसका रामसर साइट का दर्जा प्राप्त है, अब जलकुंभी की बढ़ती समस्या के कारण संकट में है। झील में जलकुंभी की सफाई न होने के कारण वन्य जीवों को भी नुकसान हो रहा है।
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याचिकाकर्ता ने मध्यप्रदेश सरकार, वन विभाग, शिवपुरी कलेक्टर और नगर पालिका को इस मामले में पक्षकार बनाया था और हाईकोर्ट से आवश्यक निर्देश देने की मांग की थी। इस पर प्रतिवादी पक्ष के वकील ने न्यायालय में यह तर्क रखा कि सांख्य सागर झील के संरक्षण के लिए उचित कदम उठाए जा रहे हैं और वाटर हार्वेस्टर का उपयोग किया जा रहा है।
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याचिकाकर्ता के वकील निपुण सक्सेना ने इस दावे का खंडन करते हुए न्यायालय के समक्ष यह दस्तावेज पेश किए कि झील में जलकुंभी का अत्यधिक प्रसार हो चुका है और यहां सफाई का कोई प्रयास नहीं किया गया है। उन्होंने वर्तमान स्थिति के फोटो भी न्यायालय में प्रस्तुत किए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि झील में जलकुंभी बढ़ी हुई है और सफाई की कोई कार्रवाई नहीं की गई है।


इस मामले में हाईकोर्ट ने जमीनी स्थिति का पता लगाने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित करने के निर्देश दिए हैं। इस कमेटी में कृषि विश्वविद्यालय राजमाता विजयाराजे सिंधिया ग्वालियर के एक प्रोफेसर, वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश दीक्षित और सुनील जैन को शामिल किया गया है। यह कमेटी झील का दौरा कर अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट में प्रस्तुत करेगी।
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