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MP: डॉक्टर साहिबा 'नदारद', तड़पती रहीं प्रसूताएं; जिला अस्पताल से तीन महिलाएं मेडिकल कॉलेज रेफर
Sun, 23 Aug 2026 01:12 PM IST
शहडोल ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
Published by: शहडोल ब्यूरो
Updated Sun, 23 Aug 2026 01:12 PM IST
सार
शहडोल जिला अस्पताल के प्रसूति विभाग में एनेस्थीसिया विशेषज्ञ के ड्यूटी पर उपलब्ध नहीं होने के कारण ऑपरेशन के लिए तैयार तीन प्रसूता महिलाओं को मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ा। अस्पताल में डॉक्टर के ड्यूटी से अनुपस्थित रहने की शिकायत पहले भी सामने आने की बात कही जा रही है।
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जिला अस्पताल का प्रसूति विभाग
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
शहडोल जिला अस्पताल के प्रसूति विभाग में एनेस्थीसिया डॉक्टर के ड्यूटी पर समय से नहीं पहुंचने का मामला सामने आया है। शुक्रवार और शनिवार की दरमियानी रात ड्यूटी पर तैनात बताई जा रहीं एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉक्टर आयुषी पांडे के अस्पताल नहीं पहुंचने के कारण तीन प्रसूता महिलाओं को ऑपरेशन के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ा। इससे अस्पताल की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
प्रसूति विभाग के चिकित्सकों के अनुसार, ऑपरेशन के लिए मरीजों को ऑपरेशन थिएटर में शिफ्ट कर दिया गया था। ऑपरेशन की आवश्यक तैयारियां भी पूरी कर ली गई थीं। एनेस्थीसिया डॉक्टर को बुलाने के लिए कॉल बुक भी भेजी गई, लेकिन आरोप है कि डॉक्टर आयुषी पांडे ने तत्काल ड्यूटी पर आने में असमर्थता जताई। एनेस्थीसिया विशेषज्ञ के उपलब्ध नहीं होने के कारण डॉक्टरों को मरीजों को मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ा।
दो एनेस्थीसिया डॉक्टर, बारी-बारी से लगती है ड्यूटी
प्रसूति विभाग के स्टाफ के मुताबिक, अस्पताल में दो एनेस्थीसिया डॉक्टर हैं और एक डॉक्टर की शिफ्ट पूरी होने के बाद दूसरे की ड्यूटी लगती है। शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात डॉक्टर आयुषी पांडे की ड्यूटी बताई जा रही थी, लेकिन शाम के समय वह अस्पताल नहीं पहुंचीं। इसके बाद ऑपरेशन के लिए तैयार तीन प्रसूता मरीजों को मेडिकल कॉलेज भेजना पड़ा।
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ये भी पढ़ें- MP News: दमोह में दर्दनाक हादसा, खेलते-खेलते सेप्टिक टैंक में जा गिरा मासूम; मौत से मचा हड़कंप
पहले भी ड्यूटी से अनुपस्थित रहने की शिकायत
अस्पताल सूत्रों का कहना है कि डॉक्टर आयुषी पांडे के ड्यूटी से अनुपस्थित रहने की शिकायत पहले भी सामने आ चुकी है। पूर्व सिविल सर्जन द्वारा मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित रूप से दिए जाने की बात भी कही गई है।
सीएमएचओ बोले- मामला गंभीर, जांच के बाद होगी कार्रवाई
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश मिश्रा ने बताया कि पूर्व सिविल सर्जन की ओर से डॉक्टर आयुषी पांडे के संबंध में शिकायत मिली है। कई बार ड्यूटी पर नहीं पहुंचने से परेशानी की जानकारी सामने आई है। यदि एनेस्थीसिया डॉक्टर के उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ा है तो यह गंभीर लापरवाही है। मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। पूर्व में मिली शिकायत की जांच भी चल रही है।
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प्रसूति विभाग के चिकित्सकों के अनुसार, ऑपरेशन के लिए मरीजों को ऑपरेशन थिएटर में शिफ्ट कर दिया गया था। ऑपरेशन की आवश्यक तैयारियां भी पूरी कर ली गई थीं। एनेस्थीसिया डॉक्टर को बुलाने के लिए कॉल बुक भी भेजी गई, लेकिन आरोप है कि डॉक्टर आयुषी पांडे ने तत्काल ड्यूटी पर आने में असमर्थता जताई। एनेस्थीसिया विशेषज्ञ के उपलब्ध नहीं होने के कारण डॉक्टरों को मरीजों को मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ा।
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दो एनेस्थीसिया डॉक्टर, बारी-बारी से लगती है ड्यूटी
प्रसूति विभाग के स्टाफ के मुताबिक, अस्पताल में दो एनेस्थीसिया डॉक्टर हैं और एक डॉक्टर की शिफ्ट पूरी होने के बाद दूसरे की ड्यूटी लगती है। शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात डॉक्टर आयुषी पांडे की ड्यूटी बताई जा रही थी, लेकिन शाम के समय वह अस्पताल नहीं पहुंचीं। इसके बाद ऑपरेशन के लिए तैयार तीन प्रसूता मरीजों को मेडिकल कॉलेज भेजना पड़ा।
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पहले भी ड्यूटी से अनुपस्थित रहने की शिकायत
अस्पताल सूत्रों का कहना है कि डॉक्टर आयुषी पांडे के ड्यूटी से अनुपस्थित रहने की शिकायत पहले भी सामने आ चुकी है। पूर्व सिविल सर्जन द्वारा मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित रूप से दिए जाने की बात भी कही गई है।
सीएमएचओ बोले- मामला गंभीर, जांच के बाद होगी कार्रवाई
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेश मिश्रा ने बताया कि पूर्व सिविल सर्जन की ओर से डॉक्टर आयुषी पांडे के संबंध में शिकायत मिली है। कई बार ड्यूटी पर नहीं पहुंचने से परेशानी की जानकारी सामने आई है। यदि एनेस्थीसिया डॉक्टर के उपलब्ध नहीं होने के कारण मरीजों को मेडिकल कॉलेज रेफर करना पड़ा है तो यह गंभीर लापरवाही है। मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाएगी। पूर्व में मिली शिकायत की जांच भी चल रही है।
