फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   People are risking their lives to go to the weekly market, 8 feet deep ditch on the footpath

Shahdol News: साप्ताहिक बाजार जाने के लिए जान खतरे में डाल रहे लोग, पगडंडी मार्ग पर आठ फीट का गोफ

Tue, 18 Mar 2025 08:20 PM IST
शहडोल ब्यूरो न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल
न्यूूज डेस्क, अमर उजाला, शहडोल Published by: शहडोल ब्यूरो Updated Tue, 18 Mar 2025 08:20 PM IST
सार

ग्रामीणों ने कहा कि अधिकारियों को कई बार इसकी जानकारी दी गई है। लेकिन कार्रवाई नहीं करवाई जा रही है। अगर कोई बड़ी दुर्घटना घटती है तो उसकी पूरी जवाबदारी एसईसीएल के अधिकारियों की होगी।

विज्ञापन
People are risking their lives to go to the weekly market, 8 feet deep ditch on the footpath
सड़क पर गड्ढा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शहडोल जिले में खैरहा थाना क्षेत्र के छिरहटी गांव के समीप गोफ से ग्रामीण दहशत में हैं। इसी मार्ग से लोगों को साप्ताहिक बाजार जाना पड़ता है। मामले की जानकारी अधिकारियों को लोगों ने दी है। लेकिन इस पर कोई ध्यान नहीं दे रहा है। यहां आठ फीट लंबाई का गोप बन गया है। इसी मार्ग से लोग आवाजाही कर रहे हैं, जिससे लोगों को जान को खतरा बना हुआ है।

विज्ञापन


जानकारी के अनुसार, एसईसीएल (साउथ कोल फील्ड्स लिमिटेड) के सोहागपुर एरिया अंतर्गत राजेंद्रा अंडरग्राउंड खदान के कारण छिरहटी-खैरहा मार्ग पर छिरहटी गांव के समीप गोफ से ग्रामीण दहशत में हैं। ग्रामीणों ने बताया कि खैरहा गांव तक जाने के बनी पगडंडी में लगभग आठ फीट लंबाई का गोफ (मिट्टी दबने) से मार्ग पर आवाजाही करने वाले ग्रामीण भयभीत हैं।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: नीरज याग्निक ने शुरू किया नो शुगर कैंपेन, 30 दिन के प्रयोग से स्वस्थ होगा शरीर
विज्ञापन
विज्ञापन


ग्रामीणों ने बताया कि जिस स्थान पर गोफ दिखा है, उसके समीप साप्ताहिक बाजार भी लगता है ऐसे में कभी भी अचानक मिट्टी दबने से बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने इस बारे एसईसीएल सोहागपुर एरिया प्रबंधन उचित कार्रवाई की मांग की है। ब्लास्टिंग से मकानों में दरारें- छिरहटी, नौगवां के रहवासियों ने बताया कि अंडरग्राउंड खदान में हैवी ब्लास्टिंग के कारण मकान में दरारें पड़ गई हैं। ग्रामीण रात में सोते हैं तो कई बार ब्लास्टिंग के कारण भूकंप जैसा अहसास होता है।

यह भी पढ़ें: आग का तांडव देख रो पड़े किसान, 50 एकड़ में खड़ी गेहूं की फसल जली, चार दमकलों ने पाया काबू

ग्रामीणों ने कहा कि अधिकारियों को कई बार इसकी जानकारी दी गई है, लेकिन कार्रवाई नहीं करवाई जा रही है। अगर कोई बड़ी दुर्घटना घटती है तो उसकी पूरी जवाबदारी एसईसीएल के अधिकारियों की होगी। छिरहटी जनपद सदस्य शिल्पी सौरभ पांडे से जब इस संबंध में बात की गई है तो उन्होंने बताया कि मामला मेरे संज्ञान में है। मैं एसईसीएल के अधिकारियों से इस मामले पर बातचीत कर चुकी हूं, अधिकारियों ने जल्द से जल्द इसे बंद करवाने की बात कही थी। अगर स्थिति वैसी ही है तो मैं दोबारा से अधिकारियों से बात कर इसे बंद करवाने के लिए बात करती हूं। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed