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Seoni News: कुएं की दीवार धंसने से मां-बेटी की मौत, तराई के दौरान हुआ हादसा; नानी को ग्रामीणों ने बचाया
Wed, 03 Jun 2026 10:04 AM IST
सिवनी ब्यूरो
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिवनी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सिवनी
Published by: सिवनी ब्यूरो
Updated Wed, 03 Jun 2026 10:04 AM IST
सार
सिवनी जिले के दुकली गांव में नए बने कुएं की रिंग और दीवार धंसने से मां-बेटी की मौत हो गई, जबकि 75 वर्षीय नानी को सुरक्षित बचा लिया गया। हादसा तराई कार्य के दौरान हुआ। देर रात तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन में दोनों शव निकाले गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
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रेस्क्यू करती टीम
विस्तार
सिवनी जिले के बडोल थाना क्षेत्र के ग्राम दुकली में सोमवार दोपहर एक दर्दनाक हादसे में मां-बेटी की जान चली गई। नए बने कुएं की तराई के दौरान उसकी रिंग और दीवार अचानक धंस गई, जिससे तीन महिलाएं मलबे में दब गईं। ग्रामीणों ने तत्काल बचाव कार्य शुरू कर 75 वर्षीय नानी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन मां और बेटी कुएं के मलबे में फंस गईं। देर रात तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद दोनों के शव बरामद किए गए।
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जानकारी के अनुसार, हादसा सोमवार शाम करीब 4 बजे उस समय हुआ जब 75 वर्षीय समानिया बाई जंघेला, उनकी 41 वर्षीय बेटी अनुसुइया जंघेला और 17 वर्षीय नातिन स्वाति जंघेला नए बने कुएं की तराई कर रही थीं। अचानक कुएं की रिंग और दीवार का बड़ा हिस्सा धंस गया और तीनों महिलाएं मलबे के साथ कुएं में जा गिरीं।
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एक महीने पहले बनवाया था नया कुआं
ग्रामीणों ने बताया कि जंघेला परिवार ने करीब एक माह पहले घर से लगभग 400 मीटर दूर नया कुआं बनवाया था। हाल ही में कुएं में सीमेंट की रिंग और दीवार का निर्माण कराया गया था। निर्माण के बाद तराई का काम चल रहा था, तभी यह हादसा हो गया। दुकली निवासी पुरुषोत्तम डेहरिया के अनुसार, कुएं के चार गोल हिस्सों में से तीन हिस्से एक साथ धंस गए। भारी सीमेंट रिंग फिसलकर सीधे अनुसुइया और स्वाति के ऊपर आ गिरी, जिससे दोनों मलबे में दब गईं।
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नानी ने सुनाई हादसे की आपबीती
हादसे के बाद बचाई गई समानिया बाई ने ग्रामीणों को बताया कि सबसे पहले स्वाति का संतुलन बिगड़ा और वह नीचे गिरी। उसे बचाने की कोशिश में अनुसुइया भी कुएं में जा गिरीं और फिर वह स्वयं भी नीचे चली गईं। ग्रामीणों ने तत्काल प्रयास कर उन्हें सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन मां-बेटी तक पहुंचना मुश्किल हो गया।
देर रात तक चला रेस्क्यू
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन और बचाव दल मौके पर पहुंच गया। कुएं में लगातार धंस रहे मलबे और संकरे स्थान के कारण रेस्क्यू अभियान चुनौतीपूर्ण रहा। कई घंटों की मशक्कत के बाद रात करीब 1 बजे अनुसुइया जंघेला का शव बाहर निकाला गया। इसके लगभग एक घंटे बाद बेटी स्वाति का शव भी बरामद कर लिया गया।
पूरे गांव में पसरा मातम
हादसे के बाद गांव में शोक का माहौल है। ग्रामीणों के मुताबिक स्वाति ने इसी वर्ष 12वीं कक्षा की परीक्षा दी थी और आगे की पढ़ाई की तैयारी कर रही थी। एक ही परिवार की दो महिलाओं की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है। पुलिस ने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। साथ ही कुएं के निर्माण और सुरक्षा मानकों को लेकर भी जानकारी जुटाई जा रही है।
