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Hindi News ›   Madhya Pradesh ›   Sehore News: Rising Street Dog Menace, 350 Attacked Monthly; Administration Slow Despite Supreme Court Orders

Sehore News: स्ट्रीट डॉग्स का बढ़ता आतंक, हर महीने 350 शिकार, सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बावजूद सुस्त प्रशासन

Fri, 14 Nov 2025 06:50 PM IST
सीहोर ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सीहोर Published by: सीहोर ब्यूरो Updated Fri, 14 Nov 2025 06:50 PM IST
सार

आवारा कुत्तों को लेकर सुप्रीम कोर्ट के कड़े आदेश के बावजूद प्रशासन द्वारा इन कुत्तों को पकड़ने को लेकर कोई एक्शन नहीं लिया गया है, जिससे लोगों में गुस्सा और भय व्याप्त है।

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Sehore News: Rising Street Dog Menace, 350 Attacked Monthly; Administration Slow Despite Supreme Court Orders
आवारा कुत्तों का आतंक - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शहर की गलियों और सड़कों पर इन दिनों स्ट्रीट डॉग का आतंक लगातार बढ़ रहा है। रात के समय किसी का अकेले घर से निकलना खतरे से खाली नहीं है। कई बार ये आवारा कुत्ते झुंड बनाकर चलने वालों को घेर लेते हैं और उन पर झपट पड़ते हैं। शहर के स्टेशन रोड, गंज क्षेत्र, मछली बाजार, पुराना इंदौर रोड और अस्पताल क्षेत्र ऐसे हॉट स्पॉट हैं, जहां रात को बाइक सवारों का पीछा करते स्ट्रीट डॉग रोज देखे जा सकते हैं। बच्चों और बुजुर्गों के लिए तो हालात और भी डरावने हो चुके हैं।
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न केवल सड़कों पर, बल्कि सरकारी अस्पताल, स्कूल और कॉलेज परिसरों में भी आवारा कुत्तों का कब्जा है। मरीजों और अभिभावकों को रोजाना डर के साए में अस्पतालों में रहना पड़ता है। कई बार तो वार्डों के बाहर तक कुत्ते आ जाते हैं। बुधनी और इछावर में तो हाल ही में अस्पताल के भीतर और स्कूलों के पास बच्चों पर कुत्तों के हमले के मामले सामने आए, जिससे लोगों में गुस्सा और भय व्याप्त है।
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सुप्रीम कोर्ट ने दिया कड़ा आदेश

देशभर में कुत्तों के हमले की बढ़ती घटनाओं पर संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। कोर्ट ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश दिया है कि शैक्षणिक संस्थानों और अस्पताल परिसरों से आवारा कुत्तों को तत्काल हटाया जाए। इन परिसरों की चारदीवारी कर कुत्तों की एंट्री रोकनी होगी और पकड़े गए कुत्तों को वहीं दोबारा छोड़ा नहीं जा सकेगा। कोर्ट ने सड़कों और हाईवे से आवारा मवेशियों को हटाने के लिए भी विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है।
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हर महीने 350 से ज्यादा शिकार

जिले में हर महीने औसतन 300 से 350 कुत्ते के काटने के केस दर्ज होते हैं। अकेले जिला अस्पताल में 150 तक मरीज रेबीज वैक्सीन लगवाने पहुंचते हैं। बाकी मरीज निजी अस्पतालों का रुख करते हैं। चिकित्सकों का कहना है कि नगर पालिका अगर समय-समय पर कुत्तों की नसबंदी और टीकाकरण अभियान चलाए तो इन मामलों में कमी लाई जा सकती है लेकिन फिलहाल ऐसा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है।

प्रशासन की सफाई

नगर पालिका सीएमओ सुधीर श्रीवास्तव का कहना है कि समय-समय पर कुत्तों को पकड़ने के अभियान चलाए जाते हैं पर सुप्रीम कोर्ट की नई गाइड लाइन के मुताबिक राज्य स्तरीय योजना आने के बाद ही ठोस कार्रवाई की जाएगी। 


ऐसे में आम जनता का कहना है कि क्या तब तक लोग डर के साए में जीते रहेंगे? शहर में बच्चों का स्कूल जाना, बुजुर्गों का मंदिर जाना या मरीजों का अस्पताल पहुंचना सब एक खतरे का सफर बन गया है। लोग अब उम्मीद कर रहे हैं कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शायद प्रशासन जागे और सड़कों पर फैला यह खौफ खत्म हो सके।
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